होर्मुज संकट पर IEA की भयावह चेतावनी, महामंदी के मुहाने पर दुनिया, जून के बाद 'रेड जोन' में जाएगा ग्लोबल इकोनॉमी

Amanat Ansari 02 Jun 2026 08:29: PM 1 Mins
होर्मुज संकट पर IEA की भयावह चेतावनी, महामंदी के मुहाने पर दुनिया, जून के बाद 'रेड जोन' में जाएगा ग्लोबल इकोनॉमी

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान तनाव के कारण सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद होने के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर सबसे बड़ी चेतावनी जारी की है. IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि अगर जून के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट बना रहा, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ‘रेड जोन’ में चली जाएगी, जिसका मतलब है भयंकर मंदी और आर्थिक संकट.

क्यों इतना खतरनाक है यह संकट?

फातिह बिरोल ने CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कहा कि दुनिया के पास अब पुराने बफर स्टॉक और आपातकालीन तेल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं. जुलाई-अगस्त में ग्रीष्मकालीन यात्रा सीजन शुरू होगा, जिससे ईंधन की मांग अचानक बहुत बढ़ जाएगी. अगर होर्मुज का रास्ता नहीं खुला तो खासकर भारत, चीन और अन्य एशियाई देशों पर सबसे भारी असर पड़ेगा.

सप्लाई बहाल हुई तो भी आफत कम नहीं होगी

IEA ने साफ चेतावनी दी है कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो जाए और रास्ता खुल जाए, फिर भी बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी. मिडिल ईस्ट दुनिया के 20% से ज्यादा तेल निर्यात का केंद्र है, इसलिए सप्लाई दोबारा पटरी पर लाने में काफी समय लगेगा. इससे महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है, खासकर उन देशों में जहां मुद्रा कमजोर है.

IEA करेगा और तेल बाजार में छोड़ने का फैसला?

मार्च 2026 में IEA के 32 सदस्य देशों ने संकट से निपटने के लिए रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल आपातकालीन तेल बाजार में छोड़ा था, जिससे तेल की कीमतें $20 प्रति बैरल तक गिर गई थीं.
फातिह बिरोल ने कहा कि फिलहाल दूसरा स्टॉक जारी करने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्थिति और बिगड़ी तो IEA इस पर भी विचार करेगा.

IEA Warns Hormuz Crisis World Great Depression Global Economy

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