UP में 8 दारोगा, 17 पुलिसकर्मी एक साथ सस्पेंड, गुनाह सुन कहेंगे ये तो दूबे से भी शातिर हैं!

Global Bharat 10 Aug 2024 10:02: PM 2 Mins
UP में 8 दारोगा, 17 पुलिसकर्मी एक साथ सस्पेंड, गुनाह सुन कहेंगे ये तो दूबे से भी शातिर हैं!

यूपी के मेरठ में पुलिसवाले हनीट्रैप का धंधा चला रहे थे, बागपत के दो कॉन्स्टेबल लड़की के साथ मिलकर लाखों की उगाही कर रहे थे. इधर कानपुर में 8 दारोगा तीन अलग-अलग थानों में रंगदारी का अजीब खेल खेल रहे थे. इस खेल में 17 कॉन्स्टेबल भी शामिल थे. नोटों से भरा बैग आता और सबके परिवारों में बंट जाता, 50 हजार की नौकरी करने वाले पुलिसवालों का घर आलीशान बनता जा रहा है, लेकिन किसने सोचा था इन पुलिसवालों का शीशमहल एक दिन बुलडोजर कार्रवाई की जद में आ जाएगा और एक्शन ऐसा होगा कि बॉलीवुड के फिल्म निर्देशक को कानपुर में इन पुलिसवालों पर क्राइम मिस्ट्री की सबसे बेहतरीन फिल्म बनानी पड़ेगी.

पहला मामला है 5 क्विंटल दाल चोरी का, बिल्हौर थाने में तैनात 2 सब इंस्पेक्टर ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, उसके बाद नीयत बदली तो 38 हजार रुपये रिश्वत लेकर दाल चोरी के आरोपी को छोड़ दिया. बात उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो दोनों को सस्पेंड कर दिया गया.

दूसरा मामला है 8 लोगों की गिरफ्तारी का, घाटमपुर थाने के पतारा कस्बे से जमीन विवाद का मामला सामने आया, जिसमें 4 सब इंस्पेक्टर, 1 हेड कॉन्स्टेबल और 3 कॉन्स्टेबल ने बिना सही जांच के 8 लोगों को जेल भेज दिया, बाद में एक पक्ष से 40 हजार और दूसरे पक्ष से 70 हजार की रिश्वत ली. बात ऊपर तक पहुंची तो सबको सस्पेंड कर दिया गया. तीसरा मामला है अवैध वसूली का, एक व्यक्ति को रोककर उससे वसूली की कोशिश की गई. सब इंस्पेक्टर और तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया.

चौथा मामला है लापरवाही का, बिल्हौर थाने के एक इंस्पेक्टर ने बिना सही जांच के फाइनल रिपोर्ट पेश कर दी, जबकि 6 आरोपियों में से एक भी नहीं पकड़ा गया. गलत तरीके से एफआईआर लिखने, लोगों को ब्लैकमेल करने और थाने में निर्दोष लोगों के सामने धौंस दिखाने के आरोप में सब इंस्पेक्टर पर गाज गिरी. एडिशनल कमिश्नर हरिश्चंद्र ने कहा 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन हुआ. आगे भी ऐसी शिकायत मिलीं और जांच में आरोप साबित हुए तो ऐसा ही एक्शन होगा. यानी योगीराज में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो थाने का थानेदार हो या सिपाही, या फिर जिले में बैठा बड़ा ऑफिसर, गलत करेगा तो सजा मिलेगी, कुर्सी पर बुलडोजर चलेगा. हर जिले के एसपी को योगी का सीधा आदेश है.

  • दोषी छूटना नहीं चाहिए, निर्दोष को परेशान करने की शिकायत आनी नहीं चाहिए
  • हर थाने में टॉप 10 माफिया का पोस्टर लगाओ, जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार करो
  • किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी न हो, समस्या ध्यान से सुनो

जिस भी जिले की सबसे ज्यादा शिकायत सीएम पोर्टल पर पहुंचती है, उस जिले के एसपी से लेकर डीएम तक तुरंत तलब हो जाते हैं. इसीलिए अब खाकी के खिलाफ जैसे ही कोई शिकायत मिलती है, कमिश्नर-एसपी सब एक्टिव हो जाते हैं. तुरंत फाइल देखने लगते हैं और फिर एक्शन लेने के बाद सीधा अपनी रिपोर्ट लखनऊ भेज देते हैं. क्योंकि वहां से एक्शन का आदेश आया तो फिर सिर्फ वही नहीं नपेगा जिसने गुनाह किया है, जो-जो इसमें शामिल होगा, जिसने उसका किसी भी तरह से साथ दिया होगा, उसकी कुर्सी और घर दोनों पर बुलडोजर चल सकता है.

मतलब साफ है कि माफिया हो या पुलिसवाला जिसने भी जनता को परेशान किया, उसका तगड़ा हिसाब होगा, अगर खाकी वाला है तो पहले कुर्सी पर गाज गिरेगी और अगर खाकी के खिलाफ है तो थाने के बाहर पोस्टर लगेगी, गिरफ्तारी होगी. यही वजह है कि 124 में से 71 हिस्ट्रीशीटर थाने में परेड करते नजर आते हैं, खुद ही अपराध से दूर रहने की कसम खाते दिखते हैं. यही बदलते यूपी की तस्वीर है.

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