नई दिल्ली: खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने प्रिया गोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड समेत तीन कंपनियों के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही शुरू कर दी है. नियामक ने गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है. एक उपभोक्ता शिकायत के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण किया गया.
जांच में पाया गया कि प्रिया गोल्ड बिस्कुट बनाने में फाइबर के स्रोत के रूप में मवेशी चारे वाला ब्रान इस्तेमाल किया जा रहा था. ब्रान वाले बोरों पर साफ लिखा था कि यह मानव उपभोग के लिए नहीं, बल्कि मवेशी चारे के लिए है. निरीक्षण में प्लांट की स्वच्छता, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण, कर्मचारियों की स्वच्छता और परिसर रखरखाव में भी कई कमियां सामने आईं.
इसके बाद कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और अभियोजन की मंजूरी दे दी गई. दूसरे मामले में यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के पीले किशमिश के सैंपल में निर्धारित सीमा से ज्यादा कीटनाशक अवशेष पाए गए. लैब टेस्ट में एजोक्सीस्ट्रोबिन, फ्लूओपाइराम, इमिडाक्लोप्रिड और थियामेथोक्साम जैसे कई अवशेष मिले.
तीसरे मामले में डोडला डेयरी लिमिटेड के फुल क्रीम मिल्क के सैंपल में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा पाया गया. साथ ही दूध में वसा की मात्रा निर्धारित मानक से कम थी. एफएसएसएआई ने कहा कि वह खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से समझौते के प्रति शून्य सहनशीलता रखता है. नियामक ने तीन अन्य कंपनियों को भी नोटिस जारी किए हैं.