लखनऊ: लखनऊ के फैजुल्लागंज और गोमती नदी के आसपास के निचले इलाकों को जलभराव से स्थायी राहत दिलाने के लिए योगी सरकार ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है. शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में आईआईएम रोड से पक्कापुल तक गोमती नदी के बाएं तट पर करीब 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध के निर्माण का फैसला लिया गया.
क्या-क्या होगा काम?
इसके अलावा जल निकासी के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में कोई कमी न हो. पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था बनाए रखें. क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल दुरुस्त करें. तटबंध, नालों और पंपिंग स्टेशनों की योजनाओं को आपस में जोड़कर समयबद्ध तरीके से पूरा करें.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नागरिकों को जलभराव से स्थायी राहत दिलाना प्राथमिकता है. ट्रंक ड्रेनेज, सीवेज नेटवर्क, घर-घर नल से जलापूर्ति, सड़क और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई.
हालिया बाढ़ का असर
8 अक्टूबर को गोमती का जलस्तर 108.60 मीटर पहुंच गया था (चेतावनी स्तर 108.50 मीटर). फैजुल्लागंज के 21 मोहल्लों में करीब 6500 परिवारों के 38 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए. 16 राहत चौकियां और 8 आश्रय स्थल बनाए गए. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की मदद से बचाव अभियान चलाया गया. प्रभावितों को खाद्य किट, लंच पैकेट और पेयजल वितरित किया गया.
बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा और महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अधिकारी मौजूद रहे. शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए. नया शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन और 132 केवी सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना है. गोमती में गाद निकालने का काम भी तेज किया जाएगा.