केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Union Road Transport Minister Nitin Gadkari) ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कई अफवाहों का खंडन किया. उन्होंने साफ साफ शब्दों में कहा कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए नहीं दौड़ रहे हैं और न ही इस पद को हासिल करने की कोई इच्छा उनमे है.
मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सवाल पूछा गया कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 75 उम्र की वजह से पद छोड़ते हैं तो क्या वो प्रधानमंत्री बनाए जा सकते हैं. इस सवाल के जवाब में, गडकरी ने साफ शब्दों में कहा, "मैं प्रतियोगिता में नहीं हूं. मैं किसी भी तरह की समस्याओं में नहीं पड़ता. मैं अपने काम में चुपचाप लगा रहता हूं." जब उनसे पूछा गया कि क्या RSS प्रधानमंत्री मोदी को 75 साल की उम्र में उनके इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री बना सकता है, तो उन्होंने सवाल का जवाब देते हुए कहा, "आप मुझसे यह क्यों पूछ रहे हैं? RSS से पूछिए. जो उनके सवाल हैं वो आप मुझसे क्यों पूछ रहे हैं."
गौरतलब हो, गडकरी ने इस साल विपक्षी पार्टी के प्रधानमंत्री बनने के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया था. उन्होंने कहा कि यह उनके विचारधारा के अनुकूल नहीं है.
जब गडकरी से महाराष्ट्र चुनावों में उनकी भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर में पार्टी की बैठकों में व्यस्त था." उन्होंने बताया कि वह हरियाणा में भी पार्टी के कार्यक्रमों में व्यस्त थे. उन्होंने कहा, "मैं नागपुर में नहीं हो सका क्योंकि मेरे पास जम्मू-कश्मीर में चार बैठकें थीं. मैंने राज्य अध्यक्ष को इस बारे में सूचित किया था. फिर भी, ये अफवाहें और अटकलें जारी रहती हैं." गडकरी के इन बयानों ने उनके समर्थकों को संतोष दिया है और उन्होंने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता काम करना है, न कि राजनीतिक विवादों में पड़ना.