कहते हैं सियासत में सबकुछ जायज़ है? लेकिन क्या देश का अपमान जायज़ है? क्या देश का नुकसान भी जायज़ है? देश की रफ्तार रोक देने का ज्ञान भी जायज़ है? तो क्या नरेंद्र मोदी को सत्ता से उखाड़ फेंकने और योगी को जेल भेजने की पूरी तैयारी है? इस बात को दावे के साथ कहा जा सकता है कि अमेरिका, चीन, भारत के कुछ नेता, मोदी सरकार में बैठे कुछ IAS अधिकारी, योगी सरकार में बैठे कुछ IAS और IPS अधिकारी भी विपक्ष के साथ काम कर रहे हैं!
अगर मोदी पांच साल रह गए तो इंडिया बदल जाएगा, और ये पांच साल रहने नहीं देना चाहते, अगर नरेंद्र मोदी ने अपना ये कार्यकाल पूरा किया तो राजनीतिक तूफान इतना तेज़ आएगा, विपक्ष का तंबू उखड़ जाएगा! नरेंद्र मोदी का नाम अब योगी के बिना अधूरा है...मोदी में योगी हैं योगी में मोदी हैं...दोनों की सोच एकदम एक हो चुकी है, दोनों का मिशन एक है,
एक दुनिया में प्लान बना रहा है एक UP के साथ-साथ देश में हिन्दुओं को एक कर रहे हैं, ऐसा करते रहने से कुछ साल में ही भारत का नक्शा बदल जाएगा...अमेरिका में अडाणी के पीछे कौन पड़ा है? या अडानी के ख़िलाफ़ सबूत कौन दे रहा है?
अडानी ग़लत हैं या सही ये फैसला कोर्ट को करना है लेकिन अदाणी को नीचे दिखाने के लिए किस पार्टी के युवराज लगे हैं? आप चौंक जाएंगे ये जानकर कि जितनी बार राहुल अमेरिका से लौटकर भारत आते हैं उसके कुछ महीने बाद ही अदाणी के ख़िलाफ़ कोई ऐसी रिपोर्ट आती है देश की अर्थव्यवस्था हिल जाती है? एक वर्ग को लगता है योगी मुसलमानों पर बुलडोज़र चलाते हैं, सिर्फ अतीक और मुख्तार को मिटाते है, ऐस लोग योगी से बदला प्लान कर रहे है!
साल 2002 में गुजरात के गोधरा में जो कुछ हुआ था...उसके बाद लगातार कई संगठन मोदी को मिटाने की कसम खाकर बैठे थे, ऐसे ही अब योगी के ख़िलाफ़ कई संगठन पड़े हैं! योगी के राज़ में ज्ञानवापी मुसलमानों के हाथ से चला गया, संभल की मस्जिद चली गई! अयोध्या पर भगवा लहरा दिया...अब नज़र काशी और आगरा की ईदगाह मस्जिद पर है! ये बात एक वर्ग को सही लग रही है तो दूसरा वर्ग अपना बदला तैयार कर रहा है!
योगी आंखों का कांटा हो चुके हैं, योगी को मिटाने के लिए कई लोग इतने बेताब हैं कि वो सिस्टम में बैठकर काम कर रहे हैं, तो कुछ लोग प्लान बना रहे हैं! जैसे ये बातें की जा रही है कि अदाणी के ख़िलाफ़ सबूत PMO में बैठे अधिकारी ही आगे बढ़ा रहे हैं, ठीक वैसे ही योगी के दुश्मन भी मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे हैं!
उनके कुछ भरोसेमंद अधिकारी ना होते तो अब तक योगी की कुर्सी हिला चुके होते! अधिकारियों में विचारधारा काम कर रही है, तुम किस पार्टी के तुम किस पार्टी के हो रहा है? यही कारण है कि योगी सरकार और मोदी सरकार को आसानी से परेशान किया जा सकता है! पाकिस्तान के लोगों को भारी भरकम सपोर्ट भारत का कौन नेता कर रहा है? चीन के साथ कौन मिल रहा है? चीन के अधिकारियों से कौन नेता गुपचुप मिल रहा है? नेपाल में कौन पब में सेटिंग करते पकड़ा गया?
ये सब वो सबूत हैं जो चीख-चीख कर कहते हैं, अमेरिका में कांग्रेस के राजदुलारे राहुल गांधी गए तो वहां पाकिस्तानी परस्त एल्हान उमर से मिले, भारत विरोधी पन्नू के समर्थन वाली बातें की, कश्मीर का विरोध करने वाले पत्रकार से मिले...क्या गज़ब कहानी है! जैसे बांग्लादेश में युसूफ ने सत्ता के लिए अमेरिका से हाथ मिला लिया, वैसे ही भारत के कुछ नेता जो सत्ता के भूखे हैं उन्होंने दुश्मनों से हाथ मिला लिया है!
सारा जोर इस बात पर है कि प्रयागराज में कुछ किया जाए ताकि दुनिया में ये संदेश जाए कि योगी के बुलडोज़र का बदला पूरा हो गया! अगर ऐसा नहीं है तो फिर महाकुंभ में इतनी भयंकर तैयारी क्यों है? ये कहानी जुड़ी है प्रयागराज के महाकुंभ से, जहां योगी को इतना परेशान करना है कि योगी इस्तीफा देने पर मजबूर हो जाएं!
कुछ सोर्स बताते हैं कि ये तो शुरूआत है, बहुत जल्द ये आग प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, राजा भैया के गढ़ प्रतापगढ़ तक पहुंचेगी! किसकी साज़िश? कौन है? खबरें यह भी हैं कि ये हिन्दुस्तान में हो ज़रूर रहा है लेकिन हाथ पाकिस्तान का? वहां से फंड आया और खेल रचा गया! बीजेपी सरकार से किसी संगठन को दिक्कत नहीं, दिक्कत है कि गोधरा वाले मोदी पीएम हैं, और मठ वाले बाबा सीएम है!
यहीं से दुश्मनों की टेंशन बढ़ जाती है, क्योंकि एक आदमी पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक ऐसा करता है कि दुनिया देखती है, तो दूसरा ऑपरेशन एनकाउंटर, ऑपरेशन बुलडोज़र, ऑपरेशन माफिया, ऑपरेशन लंगड़ा, ऑपरेशन सीधा प्रभु से मेल! ऑपरेशन शक्ति, ऑपरेशन दुर्गा जैसे ब्रम्हास्त्र योगी ने पहले ही चला दिए है
, जिसके बाद दुश्मन कांप रहा है...विपक्ष पूरा साथ दे रहा है! मोदी की सत्ता उखाडना है, योगी को दिल्ली आने से रोकना है...इसपर कई नेता काम कर रहे हैं, लेकिन कामयाब नहीं होंगे, क्योंकि जिसके माथे पर लिखा है भारत का विश्वगुरू बनाना उसे कोई रोक नहीं सकता है!