लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रायबरेली में आयोजित शिव महापुराण कथा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सनातन धर्म का झंडा ऊंचा लहराता रहेगा, कोई भी भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकता. योगी ने कहा, “हमने धर्म को सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रखा.
हमने इसे समाज की जीवन शक्ति के रूप में अपनाया, इसे अपने कर्तव्यों से जोड़ा और इसे राष्ट्र की प्रेरणा शक्ति माना.” उन्होंने बताया कि मध्यकाल में राजनीतिक कमजोरियों के बावजूद जब विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत के पवित्र स्थलों पर हमले किए, तब भी व्यास पीठों से मिलने वाली ज्ञान की परंपरा ने समाज में एकता बनाए रखी और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विकास को मजबूत किया.
गोस्वामी तुलसीदास का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि जब उन्हें मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव मिला, तो उन्होंने पूछा, “यह अकबर कौन है?” लोगों ने बताया कि वह भारत का सम्राट है. तुलसीदास ने जवाब दिया, “मेरा एक ही राजा है- राम. राम के अलावा मैं किसी अकबर जैसे विदेशी को अपना राजा नहीं मानता.”
योगी ने जोर दिया कि जब तक पूरे भारत में पवित्र कथाएं गूंजती रहेंगी, सनातन धर्म का झंडा कभी नहीं झुकेगा. “और जब तक वह झंडा ऊंचा लहराएगा, कोई भी भारत को जरा सा भी नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा.” उन्होंने कहा कि सनातन परंपराएं देश की एकता और सांस्कृतिक चेतना का आधार हैं. शिव भक्ति हिमालय से रामेश्वरम तक लोगों को जोड़ती है, और अलग-अलग रीति-रिवाजों के बावजूद सनातन के प्रति आस्था एक जैसी है.