लखनऊ : आगरा में खटीक समाज के एक सम्मेलन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अलग अंदाज देखने को मिला. समाज की ओर से सम्मान के तौर पर उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया, लेकिन राजनाथ सिंह ने सम्मान स्वीकार करने के बाद मुकुट अपने पास रखने से इनकार कर दिया. उन्होंने मंच से ऐसी बात कही, जिसने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि वह समाज की ओर से मिलने वाले सम्मान और स्नेह को स्वीकार करते हैं, लेकिन चांदी का यह मुकुट वह वापस समाज को सौंप रहे हैं. उन्होंने अपील की कि इस चांदी को किसी जरूरतमंद परिवार की बेटी के काम में लगाया जाए.
उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद अपने ससुराल के लिए विदा हो रही हो और उसके पैरों में पहनने के लिए चांदी की पायल तक न हो. ऐसे में इस मुकुट को तुड़वाकर उससे उस बेटी के लिए चांदी की पायल बनवा दीजिए. उन्होंने कहा कि किसी बेटी के जीवन में यह छोटी सी मदद भी परिवार के लिए बड़ी खुशी बन सकती है.
राजनाथ सिंह का यह संदेश केवल सम्मान लौटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी और जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी दिया. सम्मेलन में मौजूद लोगों ने उनके इस फैसले की सराहना की. दरअसल, राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में नेताओं को अक्सर शॉल, स्मृति चिन्ह, मुकुट और दूसरे महंगे उपहार देकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन राजनाथ सिंह ने चांदी के मुकुट को अपने लिए रखने के बजाय उसे किसी गरीब परिवार की बेटी के उपयोग में लगाने की बात कही.
आगरा के इस सम्मेलन में उनका यह अंदाज चर्चा का विषय बन गया। सम्मान मिला तो उसे स्वीकार किया, लेकिन कीमती मुकुट को जरूरतमंद बेटी की पायल में बदलने का संदेश देकर राजनाथ सिंह ने सादगी और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की.