अमित शाह समेत भाजपा नेताओं नेताओं ने जताई खुशी
लेह एपेक्स बॉडी के चेयरमैन ने नतीजों पर जताई हैरानी
लेह: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने लद्दाख विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए 8 में से 5 सीटों पर जीत दर्ज की है. इस नतीजे ने भाजपा को खुश किया है, लेकिन लद्दाख के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच एकता में दरार भी उजागर कर दी है.
ABVP के उम्मीदवारों में दावा नामग्याल अध्यक्ष, त्सेरिंग यांगडोल उपाध्यक्ष, स्टैनजिन रिग्डोल महासचिव, राबस्किट डोलमा संयुक्त सचिव और तेनजिन त्सेवांग खेल सचिव चुने गए हैं. बाकी तीन पदों पर स्टैनजिन इंगजल (कोषाध्यक्ष), मेफम आंग्मो (सांस्कृतिक सचिव) और शराफत अली (मीडिया सचिव) निर्वाचित हुए हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा नेताओं ने इन नतीजों को लद्दाख की टकराव वाली राजनीति को खारिज किए जाने के रूप में पेश किया. उन्होंने दावा किया कि युवाओं ने विभाजनकारी ताकतों के बजाय राष्ट्रवाद को चुना है.
वहीं, लेह एपेक्स बॉडी के चेयरमैन चेरिंग दोरजे लाक्रुक ने नतीजों पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा, ''मैंने सुना है कि उन्होंने कुछ छात्र नेताओं को खरीद लिया है. वे यहां बहुत पैसा खर्च कर रहे हैं. असल में यहां केंद्र के खिलाफ काफी गुस्सा है. मुझे लगता है कि छात्र अंधेरे में थे और कांग्रेस तो कहीं दिखी ही नहीं. पता नहीं कांग्रेस कहां सो रही थी.'' लाक्रुक ने जोर दिया कि लद्दाख के ज्यादा अधिकारों की मांग पर लोग एकजुट हैं, लेकिन कुछ लोग पैसे के पीछे भागते हैं.
लद्दाख विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष स्टैनजिन कुनसाल ने भी कहा कि कुछ उम्मीदवारों को प्रलोभन देकर अपनी तरफ मिलाया गया. उन्होंने बताया कि हर पद के लिए लगभग तीन-तीन उम्मीदवार होने से विपक्ष के वोट बंट गए.
ABVP के राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद सदस्य दोरजे नामग्याल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लोग कुछ भी कहते रहते हैं. उन्होंने जोर दिया कि ABVP का ध्यान सिर्फ छात्रों के मुद्दों पर है. यह जीत लद्दाख में अधिक अधिकारों और राज्य का दर्जा मांग रहे आंदोलन के बीच आई है, जहां क्षेत्रीय एकता पर सवाल उठने लगे हैं.