अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा 23 साल का बेटा
एसएसपी डोभाल ने जांच कर कार्रवाई के दिए निर्देश
सीबीआई जांच में हरक सिंह को मिली थी क्लीन चिट
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर एक बार फिर गंभीर आरोप लग गए हैं. सिक्किम निवासी महिला इंदिरा डेंजी उर्फ जैनी ने उन पर वर्ष 2003 में दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए पुलिस मुख्यालय को प्रार्थना पत्र सौंपा है. महिला का दावा है कि उस घटना के परिणामस्वरूप उनका बेटा पैदा हुआ, जो अब 23 साल का हो चुका है और अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है.
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि जैनी का प्रार्थना पत्र पुलिस मुख्यालय से देहरादून पुलिस को मिला है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत ने उनके साथ दुष्कर्म किया था. उन्होंने अपने बेटे का डीएनए टेस्ट कराने और 2003 के पुराने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने डोईवाला की महिला क्षेत्राधिकारी (सीओ) वंदना वर्मा को गहन जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इस बीच भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश महामंत्री भावना मेहरा ने इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस और हरक सिंह रावत पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सत्ता और रसूख के बल पर जैनी की आवाज दबाई गई. मेहरा ने आरोपों की निष्पक्ष जांच, पीड़िता को सुरक्षा और न्याय की मांग की.
गौरतलब है कि यह प्रकरण करीब दो दशक पुराना है. पहले भी सीबीआई जांच हुई थी, जिसमें डीएनए रिपोर्ट के आधार पर हरक सिंह रावत को क्लीन चिट मिली थी. अब जैनी ने फिर से मामले को दोबारा खोलने और नए सिरे से डीएनए टेस्ट की मांग दोहराई है. पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है. पूरा मामला संवेदनशील होने के कारण निष्पक्ष जांच पर जोर दिया जा रहा है.