अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर की छत से पानी टपकने का दावा किया जा रहा है. यहां के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने अपने बयान में रविवार को कहा था कि जहां रामलला विराजमान हैं वहां पानी टपक रहा है और इस जल्द समाधान होना चाहिए. जिसके बाद से राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बयान सामने आया है.
उन्होंने अपने बयान में राम मंदिर में कथित जल रिसाव पर कहा...मैं अयोध्या में हूं. मैंने पहली मंजिल से बारिश के पानी को गिरते देखा है. ये स्वभाविक है क्योंकि गुरु मंडप दूसरी मंजिल के रूप में आकाश के संपर्क में है और मंदिर के शिखर के पूरा होने से ये बंद हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि मैंने नाली से कुछ रिसाव भी देखा क्योंकि पहली मंजिल पर ये काम प्रगति पर है, पूरा होने पर नाली बंद कर दी जाएगी. गर्भगृह में कोई जल निकासी नहीं है क्योंकि सभी मंडपों में पानी की निकासी के लिए ढलान को मापा गया है और गर्भगृह में पानी को मैन्युअल रूप से अवशोषित किया जाता है.
इसके अलावा, भक्त देवता पर अभिषेक नहीं कर रहे हैं, कोई डिजाइन या निर्माण समस्या नहीं है. जो मंडप खुले हैं उस में वर्षा का पानी गिर सकता है और इसे लेकर बहस भी हुई थी लेकिन वास्तुशिल्प मानदंडों के अनुसार इसे खुला रखने का निर्णय लिया गया था.
इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने राम मंदिर के निर्माण कार्य पर बोलते हुए कहा था कि जुलाई 2025 में काम का पूरा होना असंभव है. लेकिन अगर ऐसा कहा जा रहा है तो मान लेता हूं. साथ ही राम मंदिर में हुए निर्माण पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहां पहली ही बारिश में पानी चूने लगा है, जिसकी जांच होनी चाहिए.