Uttar Pradesh Crime News: उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मेरठ के एक युवक मोहम्मद उजैद कुरैशी पर गंभीर आतंकी संबंधों का आरोप लगाया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह अल-कायदा से जुड़े स्लीपर सेल का हिस्सा हो सकता है और युवाओं को कट्टर विचारधारा की ओर ले जाने में सक्रिय रहा है.
जांच के दौरान पता चला कि उजैद एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल था, जहां भारतीय सेना के खिलाफ फिदायीन (आत्मघाती) हमलों की योजना पर चर्चा हो रही थी. इस ग्रुप से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को जम्मू-कश्मीर में पकड़ा गया था, जिसकी चैट्स से यह साजिश सामने आई. उजैद ने ग्रुप में सिर्फ एक संदेश भेजा था, लेकिन वह पुलिस के लिए महत्वपूर्ण क्लू साबित हुआ.
2024 में गया था कश्मीर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नवंबर 2024 में उजैद काम के बहाने जम्मू-कश्मीर गया था, जहां उसने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से मुलाकात की. इसके बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी. 18 जनवरी को यूपी ATS और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर मेरठ के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बनियापाड़ा में उसके घर पर छापा मारा. लेकिन उजैद घर पर नहीं मिला.
नोटिस देखकर हुआ फरार
टीम ने घर के बाहर नोटिस लगाया, जिसमें उसे 24 जनवरी को जम्मू के बाहू फोर्ट थाने में पेश होने को कहा गया था. यह नोटिस 24 नवंबर 2025 को दर्ज एक केस से जुड़ा था. छापेमारी के बाद उजैद स्कूटी से घर लौटा और नोटिस देखकर तुरंत फरार हो गया. पुलिस ने उसके दो भाइयों से पूछताछ की और उन्हें हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया.
वर्तमान में उजैद फरार है और सुरक्षा बल उसकी तलाश में लगे हुए हैं. एजेंसियां मान रही हैं कि उसकी गिरफ्तारी से आतंकी नेटवर्क के बड़े राज खुल सकते हैं. उजैद के पिता एक फल विक्रेता हैं.