Ahmedabad to London flight accident: 242 लोगों से भरा एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरता है, लेकिन जैसे ही मेघनीनगर के आसपास पहुंचता है, समुद्र तल से करीब 645 मीटर की ऊंचाई पर था, अचानक क्रैश कर जाता है, उड़ता हुआ विमान आग के गोले में तब्दील हो जाता है, मौत की दुखद ख़बर सामने आती है, तुरंत फायरब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचती है, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल को कॉल कर अपडेट लेते हैं, तुरंत अहमदाबाद जाने का प्लान बनाते हैं, विजय रुपाणी के करीबी नितिन भारद्वाज के हवाले से दैनिक भास्कर लिखता है
“एअर इंडिया की इसी फ्लाइट से गुजरात में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे। रूपाणी अपनी बेटी से मिलने आ रहे थे। रूपाणी की 12 नंबर सीट थी.”
पर सवाल ये है कि आखिर ये हादसा हुआ कैसे, इस विमान को जो पायलट उड़ा रहे थे उनका नाम है कैप्टन सुमित सभरवाल, उनके पास 8200 घंटे फ्लाइट उड़ाने का अनुभव है, उनके साथ थे फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर, जिनका अनुभव 1100 घंटे फ्लाइट उड़ाने का है. जिसका मतलब है दोनों अच्छे जानकार थे, सुमित सभरवाल LTC पायलट थे, जिसका मतलब लाइन ट्रेनिंग कैप्टन, या नए पायलट को ट्रेनिंग भी देते थे, लेकिन जब इन्होंने उड़ान भरी, जमीन से आसमान में 1 बजकर 39 मिनट पर विमान उड़ता है, पायलट तुरंत MAYDAY का सिग्नल भेजता है, ये शब्द बोलने का मतलब है सारा काम-धाम छोड़कर नीचे ग्राउंड पर बैठी टीम उस पायलट की मदद करेगी, और किसी भी तरह उसके सेफ लैंडिंग का इंतजाम करेगी.
“किसी भी फ्लाइट में 'मेडे कॉल' एक इमरजेंसी मैसेज होता है, जो पायलट उस वक्त देता है जब विमान किसी गंभीर संकट में हो, विमान का इंजन फेल हो जाए, विमान में आग लग जाए, हवा में टकराव का खतरा हो या फिर या हाईजैक जैसी स्थिति बन जाए. प्लेन के रेडियो पर तीन बार Mayday, Mayday, Mayday बोलने का मतलब है खतरा बड़ा है.”
तो सवाल है खतरे को सुनने के बाद क्या पायलट को सही सपोर्ट नहीं मिल पाया, या फिर वक्त बेहद कम था, जिस हिसाब से विमान हवा में दिख रहा है, और उसके बाद आग के गोले में तब्दील होता है, वो साफ बता रहा है वक्त काफी कम था, ये विमान एयरपोर्ट की दीवार और एयर कस्टम ऑफिस के पास क्रैश हुआ है. नीचे फायरब्रिगेड की गाड़ियां जरूर खड़ी थीं, पर विमान रिहायशी इलाके में अचानक से मलबे के रूप में बनकर गिरता है. कई मीडिया रिपोर्ट ये भी दावा कर रही हैं कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी इसी फ्लाइट से लंदन जाने वाले थे, हालांकि इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं हो पाई है. फिलहाल जांच के बाद ही ये स्पष्ट हो पाएगा कि उस वक्त विमान में हुआ क्या था, आम तौर पर कोई भी फ्लाइट अगर उड़ती है तो ग्राउंड टीम उसे सही तरीके से चेक करती है, विमान का हर पार्ट उड़ान भरने से पहले चेक किया जाता है, तो क्या इस विमान को किसी ने सही से चेक नहीं किया. जानकारी मिली है कि 11 साल पुराना ये विमान था, तो इसकी मेंटनेंस की जिम्मेदारी किसकी थी, क्या जिम्मेदार लोगों ने सही से इसे मेंटेन नहीं रखा और उस लापरवाही ने कईयों की की जान ले ली, या फिर अचानक से विमान के अंदर कुछ ऐसा हुआ जो समझ से बाहर था. चूंकि विमान लंदन जा रहा था, इसलिए इसमें कई इंटरनेशनल यात्री भी सवार थे. आज तक अपनी रिपोर्ट में दावा करता है,
“इस विमान में ब्रिटेन के 53, पुर्तगाल के 7 और कनाडा के एक यात्री सवार थे.”
फिलहाल रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है, लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, उसकी तस्वीरें भी सामने आ रही है. लेकिन सवाल है आखिर ये हुआ कैसे.