Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा पर चुनावों में हेरफेर करने का आरोप लगाया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिहार और पश्चिम बंगाल में देखी गई उसी बेईमानी को उत्तर प्रदेश में दोहराया गया तो भविष्य में चुनाव ही नहीं हो पाएंगे.
कासगंज में सोरोन गेट पर उर्मिला गार्डन का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, ''बिहार और बंगाल के चुनावों में जो बेईमानी देखी गई, अगर वैसी ही लूट और बेईमानी उत्तर प्रदेश में हुई तो भविष्य में कभी चुनाव नहीं हो पाएंगे.'' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया को अपने हित के अनुसार बदलने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिलाओं के आरक्षण के साथ भी खेल किया है. वे अपनी डिजाइन का लोकसभा चाहते हैं, जिसमें विपक्ष के नेता जीत ही न पाएं. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा वोट चोरी की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब समाजवादी पार्टी पूरी तरह तैयार है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गांव-गांव और घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से न कटे. एसपी प्रमुख ने कहा कि पंचायत और विधानसभा चुनावों के लिए वोटर लिस्ट की जांच भाजपा को बेनकाब कर देगी. उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी वोट काटने गई थी, लेकिन उसके अपने समर्थकों के वोट भी कट गए.
उन्होंने कहा, ''भाजपा ने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय) के अधिकार छीन लिए हैं और आरक्षण के लाभ लूट लिए हैं.'' साथ ही उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा को सबक सिखाने का फैसला कर लिया है और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी. फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा उठाते हुए यादव ने चेतावनी दी कि अगर एसपी सत्ता में आई तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने फर्जी एनकाउंटर किए हैं, समाजवादी सरकार बनने पर उन्हें न्याय के अनुसार सजा मिलेगी और वे जेल जाएंगे. समाजवादी पार्टी मुख्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, अखिलेश यादव ने कहा, ''बंगाल के चुनावों में खुल्लमखुल्ला बेईमानी हुई. भाजपा बाबासाहेब के संविधान में विश्वास नहीं करती. अगर उसकी मर्जी चली तो देश में चुनाव ही नहीं होंगे.''
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए यादव ने आरोप लगाया कि महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ गया है, जबकि किसान अभी भी परेशान हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ''मुख्यमंत्री कहते हैं कि 2017 से पहले इस इलाके की कोई पहचान नहीं थी, जबकि खुद उनकी 2017 से पहले कोई पहचान नहीं थी. समाजवादियों ने हमेशा राज्य के विकास के लिए काम किया है.''
उन्होंने सार्वजनिक सेवाओं के बिगड़ने का भी आरोप लगाया. कहा कि समाजवादी सरकार में शुरू की गई एंबुलेंस सेवाएं कमजोर कर दी गई हैं और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों व दवाइयों की कमी हो गई है.
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों और युवाओं को नाकाम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसानों को MSP की कानूनी गारंटी नहीं मिली और उनकी आय दोगुनी नहीं हुई. साथ ही उन्होंने परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, जिसमें NEET के उम्मीदवार भी शामिल हैं.