लख़नऊ : उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक पत्रकार ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से डिंपल यादव से सवाल पूछने का निवेदन किया. इस पर अखिलेश यादव ने सहज अंदाज में कहा, आप किसी से भी सवाल कर सकते हैं. इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव से बेहद आत्मीय अंदाज में कहा कि मुखर बनो. अखिलेश के इस अंदाज ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया.
इसके बाद डिंपल यादव से सवाल किया गया कि अगर देश की कोई बेटी उनसे पूछे कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए उसे समाज से क्या उम्मीद रखनी चाहिए, तो वह उसे क्या संदेश देंगी. डिंपल यादव ने इसका जवाब बेहद स्पष्ट और प्रेरक अंदाज में दिया. उन्होंने कहा कि बेटियों को सिर्फ समाज की तय की हुई राह पर चलने के बजाय अपनी इच्छाओं और सपनों को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने संदेश दिया कि समाज के साथ चलने की बजाय जरूरत पड़े तो बंदिशों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहिए.
डिंपल ने कहा कि जो कुछ भी करना चाहती हैं, उसे पूरे पैशन के साथ करें और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती रहें. उनका यह जवाब महिलाओं और बेटियों को अपने सपनों के लिए आत्मविश्वास के साथ खड़े होने का संदेश देता नजर आया.
अखिलेश यादव का मुखर बनो कहना और उसके बाद डिंपल यादव का बेबाक जवाब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन सकता है. बातचीत में जहां पति-पत्नी के बीच सहजता नजर आई, वहीं डिंपल का संदेश खास तौर पर उन युवतियों के लिए था, जो सामाजिक बंदिशों के कारण अपने सपनों को पूरा करने में हिचकिचाती हैं.
डिंपल का संदेश साफ था कि अगर सपना आपका है तो उसे पूरा करने की जिम्मेदारी भी आपकी है. डर और बंदिशों के बजाय आत्मविश्वास, जुनून और मेहनत के साथ आगे बढ़िए.