नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गरमा गया है. ED ने गुरुवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के दफ्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट वाले घर समेत कई ठिकानों पर छापे मारे. यह छापेमारी कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच का हिस्सा है.
खबर फैलते ही बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और केंद्रीय एजेंसी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि ED तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गोपनीय दस्तावेज, हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की लिस्ट और चुनावी प्लान जब्त करने की कोशिश कर रही है. ममता ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या उनका काम पार्टी के डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करना है? उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया और पूरे राज्य में TMC की ओर से विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया. सूत्रों के मुताबिक, ममता वहां से कुछ फाइलें और डिवाइस लेकर निकलीं, जिन्हें उन्होंने पार्टी का सामान बताया.
इस घटना पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी भाजपा को घेरा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि भाजपा बंगाल में बुरी तरह हार की ओर बढ़ रही है और यह उसका पहला संकेत है.
I-PAC की शुरुआत 2014 में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने की थी. 2019 से यह फर्म TMC के साथ जुड़ी हुई है और प्रतीक जैन इसके सह-संस्थापक होने के साथ TMC के आईटी सेल के प्रमुख भी हैं. फर्म ने 2021 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों में TMC की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.
ED के अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई सबूतों पर आधारित है और इसमें हवाला लेन-देन व नकद ट्रांजेक्शन के प्रमाण मिले हैं. एजेंसी ने साफ किया कि यह चुनाव से जुड़ी कोई साजिश नहीं है. हालांकि, TMC इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, खासकर तब जब बंगाल में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं.