"बिहार में एनकाउंटर राज..." भरत तिवारी मुठभेड़ पर सियासत गरम, आरा सांसद ने बताया संदिग्ध

Amanat Ansari 20 Jun 2026 07:18: PM 1 Mins

आरा: भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर सियासी बवाल बढ़ गया है. आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने घटना को संदिग्ध बताया और आरोप लगाया कि बिहार में एनकाउंटर राज चल रहा है. भाकपा-माले सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मृतक के परिजनों से मिला.

सांसद ने कहा, ''भरत भूषण तिवारी को बचाया जा सकता था, लेकिन पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया. बिहार में एनकाउंटर राज चल रहा है.'' उन्होंने बताया कि भरत तिवारी जवानिया गांव के कटाव पीड़ितों के पुनर्वास जैसे जनहित के मुद्दे लगातार उठा रहे थे.

परिजनों के गंभीर आरोप

भरत तिवारी के पिता ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उनका बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ था. उन्होंने पुलिस से उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजने की अपील की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर जाने से रोका और बाद में गोली लगने की सूचना दी. परिवार का आरोप है कि घटनास्थल से ग्रामीणों को पहले ही हटा दिया गया था.

जन सुराज का तीखा हमला

जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में भी एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला. मनोज भारती ने कहा, ''यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या का मामला लगता है.'' जन सुराज ने सरकार से मांग की है कि SIT गठित कर निष्पक्ष जांच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करना चाहिए. शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए.

परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. भाकपा-माले ने भी 50 लाख रुपए मुआवजे और अपराधिक मुकदमे की मांग की है. पूरे मामले में बिहार की राजनीति गरम है और विपक्ष सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है.

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