आरा (भोजपुर): भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है. पुलिस ने अब मृतक के परिजनों और प्रदर्शनकारियों पर भी सख्ती दिखाई है. कुल तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें भरत के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है.
पुलिस का आरोप
पुलिस के अनुसार, भरत भूषण तिवारी ने अवैध पिस्तौल रखी थी, पुलिस टीम पर फायरिंग की और सरकारी काम में बाधा डाली. पिता और भाई को उसके अवैध हथियार की जानकारी होने के बावजूद संरक्षण देने का आरोप. मुठभेड़ के दौरान भरत ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसमें सरकारी वाहन के बोनट पर भी गोली लगी.
सड़क जाम और हंगामे पर दूसरी FIR
भरत की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरा-बक्सर हाईवे (NH-922) को जाम कर दिया था. इस मामले में बिलौटी पंचायत के मुखिया बलिराम यादव समेत 14 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की गई है. भरत तिवारी फेसबुक पर काफी सक्रिय था. घटना वाले दिन उसने कई लाइव किए थे. आखिरी लाइव में वह पिस्तौल फेंकता दिखाई देता है, जिसे लेकर परिवार का दावा है कि हथियार फेंकने के बाद भी गोली मारी गई. पुलिस इसे आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई बता रही है.
परिजन और विपक्षी दलों की ओर से फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को कानून सम्मत बता रही है. मामले की जांच चल रही है और पूरे घटनाक्रम ने बिहार में सियासी तापमान बढ़ा दिया है.