बागपत : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी तालाब की भूमि पर बनी करीब 70 वर्ष पुरानी मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह कार्रवाई राजस्व विभाग की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई. मस्जिद को हटाने के दौरान भारी पुलिस बल, पीएसी, राजस्व अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी रही, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे.
मामला बागपत के एक गांव का है, जहां ग्रामीण गुलशेर द्वारा कई वर्ष पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी कि ग्राम समाज के तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण कर मस्जिद बनाई गई है. शिकायत के बाद राजस्व अभिलेखों और भूमि रिकॉर्ड की जांच कराई गई. जांच में संबंधित जमीन तालाब की भूमि के रूप में दर्ज पाई गई, इसके बाद प्रशासन ने कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए और कानूनी प्रक्रिया पूरी की.
अधिकारियों के अनुसार, तालाब और जलाशय सार्वजनिक संपत्ति माने जाते हैं तथा इन पर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नियमों के विरुद्ध है. सर्वोच्च न्यायालय और राज्य सरकार भी समय-समय पर तालाबों और जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दे चुकी हैं. इसी क्रम में यह कार्रवाई अमल में लाई गई.
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. प्रशासन ने पहले ही संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मस्जिद हटाए जाने की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है, वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर की गई है.