अखिलेश यादव का PM मोदी के चीन दौरे पर तंज: 10 बिंदुओं में समझाई 'चीनी रणनीति', CM योगी पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस मुलाकात में सीमा विवाद, व्यापार, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए उनकी नीतियों और चीन के साथ संबंधों पर सवाल उठाए. अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 10 बिंदुओं में 'चीनी रणनीति' की क्रोनोलॉजी समझाई और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आड़े हाथों लिया.
अखिलेश का BJP पर हमला
अखिलेश ने X पर लिखा कि BJP का 'आत्मनिर्भर भारत' और 'स्वदेशी' का दावा खोखला साबित हो रहा है, क्योंकि भारत की चीन पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय उद्योगों, कारखानों और छोटे व्यवसायों पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके चलते बेरोजगारी में भारी वृद्धि हो रही है.
CM योगी पर भी कसा तंज
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि अगर BJP के 'ड्रोन विशेषज्ञों' को यह समझ नहीं आ रहा, तो 'बुलडोजर विशेषज्ञ' योगी आदित्यनाथ ही बता दें कि चीन ने भारत की कितनी जमीन पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि योगी का 'मूल निवास स्थान' भी चीन के कब्जे का शिकार रहा है. अखिलेश ने पूछा, "BJP सरकार के सत्ता में आने के समय भारत का क्षेत्रफल जितना था, क्या वह अब भी वैसा ही है, या चीन के अतिक्रमण के कारण कम हो गया है? दिल्ली वाले नहीं बता सकते, तो कम से कम लखनऊ के 'पलायन विशेषज्ञ' ही बता दें कि हमारी कितनी जमीन गंवाई जा चुकी है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता यह अच्छी तरह समझती है कि "जमीन का पलायन नहीं होता," लेकिन BJP की नीतियों ने देश को कमजोर करने का काम किया है.
PM मोदी की यह चीन यात्रा शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए है, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में हो रहा है. इस दौरान उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी मुलाकात की संभावना है. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए 25% टैरिफ लगाया है, जिसके चलते भारत और चीन के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. अखिलेश यादव का यह बयान BJP की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति पर एक तीखा हमला है, जो उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को और गर्म कर सकता है.