बजट सत्र शुरू होने से पहले संसद में सर्वदलीय बैठक चल रही है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू इस बैठक की मेजबानी कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न राजनीतिक नेता शामिल हैं. बैठक में तिरुचि शिवा, एआईयूएमएल नेता ई.टी. मोहम्मद बशीर, जन सेना पार्टी के नेता बाला कृष्ण, बीजेडी नेता सस्मित पात्रा, जेडीयू नेता संजय झा, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, प्रफुल्ल पटेल, चिराग पासवान और एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं.
नहीं पहुंचे टीएमसी नेता
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अनुपस्थित हैं क्योंकि वे पश्चिम बंगाल में शहीदी दिवस मना रहे हैं. पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह बैठक का बहिष्कार नहीं है, बल्कि इस दिन के महत्व को दर्शाता है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निमंत्रण पर समारोह में भाग लेने के लिए कोलकाता में हैं.
सीपीआई सांसद पी संदोष कुमार ने बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बैठक एक औपचारिकता है क्योंकि कल से संसद सत्र शुरू हो रहा है. हालांकि, जनता के मुद्दों को उठाना हमारी जिम्मेदारी है और हम ऐसा जरूर करेंगे. सबसे बड़ा मुद्दा नीट है, इसे रद्द किया जाना चाहिए. सीपीआई-एम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि पार्टियां जोर दे रही हैं कि मणिपुर, जम्मू-कश्मीर की स्थिति, यूपी में "सांप्रदायिक ध्रुवीकरण", परीक्षा धोखाधड़ी और बेरोजगारी सहित लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को सदन में लाया जाना चाहिए.
ब्रिटास ने कहा कि संसद को ठीक से काम करना चाहिए और बहस और चर्चा होनी चाहिए, जो पिछले 10 सालों से नहीं हो रही थी. हम चाहते हैं कि सरकार जमीनी हकीकत को समझे...बेरोजगारी दर अपने चरम पर है और लोग भूख से मर रहे हैं. राज्यों की शक्ति पर हमला हुआ है. यह बैठक राजनीतिक नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक है क्योंकि वे आगामी बजट सत्र की तैयारी कर रहे हैं.