चेन्नई: तमिलनाडु में ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री पद संभालते ही अभिनेता विजय थलापति (Thalapathy Vijay) की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) पर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) का गंभीर आरोप लगाया है.
तिरुचिरापल्ली में मीडिया से बात करते हुए दिनाकरन ने कहा, "विजय कहते हैं कि वे घोड़े की रफ्तार से काम करेंगे, लेकिन उन्होंने तो घोड़ा ही मोलभाव करके खरीदा है." उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर TVK ने AMMK के विद्रोही विधायक एस. कामराज को मंत्री पद दिया, तो वे इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग करेंगे.
क्या है पूरा विवाद?
AMMK ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक सीट जीती थी. फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले AMMK के एकमात्र विधायक एस. कामराज ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया. AMMK ने कामराज को पार्टी से निष्कासित कर दिया. TVK ने फ्लोर टेस्ट 144 विधायकों के समर्थन के साथ पास किया, जिसमें AIADMK के 25 विधायकों का भी खुला समर्थन शामिल था. दिनाकरन ने आरोप लगाया कि TVK की पूरी राजनीति ही हॉर्स ट्रेडिंग पर टिकी हुई है.
उन्होंने विजय सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि "रील्स बनाकर शासन नहीं चलाया जा सकता." मुख्य विपक्षी दल DMK ने भी TVK पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए हैं. DMK नेता एसएस शिवशंकर ने कहा कि विजय की सरकार कुछ ही दिनों की मेहमान साबित होगी. 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत से थोड़ी दूर रही.
कांग्रेस और अन्य छोटी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाई गई. अब विपक्षी दलों के हमलों से नई सरकार की शुरुआत ही विवादों में घिर गई है. अभी यह देखना बाकी है कि विजय सरकार AMMK के विद्रोही विधायक को मंत्री बनाती है या नहीं. अगर ऐसा हुआ तो CBI जांच की मांग और तेज हो सकती है.