नई दिल्ली: शिक्षक भर्ती की दिशा में नया मोड़ आता हुआ दिखाई दे रहा है, जब TRE 4.0 (Teacher Recruitment Exam 4.0) की घोषणा के साथ ही देशभर में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है. चौथे चरण की शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन जारी करने से पहले हजारों अभ्यर्थियों ने STET (State Teacher Eligibility Test) परीक्षा की मांग उठाई है.
TRE 4.0 की आहट ने कई अभ्यर्थियों को एक बार फिर शिक्षक बनने का सपना देखने को प्रेरित किया है, लेकिन इस प्रक्रिया में STET परीक्षा के बिना भर्ती की प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता मानकों को लेकर कुछ शंका उत्पन्न हो गई है. अभ्यर्थियों का मानना है कि STET परीक्षा से ही उम्मीदवारों की वास्तविक योग्यता की पहचान की जा सकती है. अभ्यर्थियों का कहना है कि STET परीक्षा राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा है, जो उम्मीदवारों के अध्यापन क्षमता और शिक्षा के मानकों के आधार पर चयन प्रक्रिया को मजबूत बनाती है.
बिना STET परीक्षा के सीधी भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इससे भर्ती की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है. अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि TRE 4.0 के जरिए किसी एक विशेष परीक्षा के बजाय विभिन्न मानकों को ध्यान में रखते हुए उनकी योग्यता की सही जांच की जा सकती है. बता दें कि राज्य स्तर पर शिक्षक भर्ती के लिए STET का महत्व बेहद महत्वपूर्ण है. शिक्षक बनने के इच्छुक लाखों युवाओं के लिए STET पास करना अनिवार्य होता है, जिससे उनकी पात्रता की जांच होती है और उन्हें योग्य माना जाता है. अगर STET को पहले आयोजित किया जाता है, तो इससे अभ्यर्थियों को इस भर्ती में भाग लेने के लिए एक निष्पक्ष मौका मिलेगा.
अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE 4.0 के दौरान भर्ती प्रक्रिया में STET के समावेश से उनकी पात्रता को सही तरीके से परखा जा सकेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल योग्य उम्मीदवार ही शिक्षक के पदों पर चयनित हों. उन्होंने सरकार से अपील की है कि पहले STET परीक्षा कराई जाए और उसके बाद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की जाए. अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि बिना STET के भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं हो सकती. साथ ही, यह उनकी मेहनत और योग्यता की अनदेखी हो सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर होने वाली STET परीक्षा में अच्छे परिणाम लाने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिससे शिक्षण स्तर को ऊंचा उठाया जा सके.
हालांकि, सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार इस विषय पर जल्द ही विचार करेंगे. सरकार की तरफ से इस विषय में किसी प्रकार के दिशा-निर्देश आने की उम्मीद जताई जा रही है. TRE 4.0 के आने से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नया मोड़ आ सकता है, लेकिन STET की भूमिका को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता बनी हुई है. STET परीक्षा के बिना शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं हो सकती है, यह बात अब साफ हो चुकी है. अब यह देखना होगा कि राज्य सरकारें और शिक्षा मंत्रालय इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और अभ्यर्थियों की चिंताओं का समाधान कब तक होगा.