नई दिल्ली: लश्कर-ए-तैयबा (LET) के सह-संस्थापक आमिर हमजा अपने लाहौर स्थित घर में एक दुर्घटना में घायल हो गए और वर्तमान में अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. सूत्रों ने पुष्टि की है कि 17 संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमजा को उनके घर में हुई एक दुर्घटना के कारण चोटें आईं. सोशल मीडिया पर कुछ खबरों में दावा किया गया कि उन्हें गोली लगी थी, लेकिन जांच में यह जानकारी गलत पाई गई.
आमिर हमजा अफगान मुजाहिदीन के अनुभवी सदस्य रहे हैं और लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख विचारक माने जाते हैं. वे अपने जोशीले भाषणों और लेखन के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने एक समय में LET के आधिकारिक प्रकाशन के संपादक के रूप में काम किया था और 2002 में काफिला दावत और शहादत (प्रचार और शहादत का कारवां) सहित कई किताबें लिखीं. अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित किया है और आमिर हमजा को प्रतिबंधित आतंकवादी की सूची में शामिल किया है. माना जाता है कि उन्होंने LET की केंद्रीय समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और धन जुटाने, भर्ती, और हिरासत में लिए गए उग्रवादियों की रिहाई के लिए बातचीत में अहम योगदान दिया.
2018 में, जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने LET से जुड़े चैरिटी संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर वित्तीय कार्रवाई की, तब आमिर हमजा ने कथित तौर पर लश्कर से दूरी बना ली थी. इसके बाद उन्होंने जैश-ए-मंकफा नामक एक अलग समूह बनाया, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह जम्मू और कश्मीर सहित विभिन्न क्षेत्रों में उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम देता है. भारतीय मीडिया के अनुसार, यह समूह पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है और आमिर हमजा अभी भी LET के नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं.
फिलहाल, पाकिस्तानी अधिकारियों ने आमिर हमजा की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. उनकी चोटों की गंभीरता और स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी और जानकारी का इंतजार है. यह घटना एक बार फिर लश्कर-ए-तैयबा और इसके सह-संस्थापकों की गतिविधियों पर ध्यान खींचती है, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं.