कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक पुराना बयान फिर चर्चा में है. करीब 12 साल पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए पूछा था कि कौन हैं अमित शाह. यह सवाल उस दौर में उठा था जब बीजेपी बंगाल में बेहद कमजोर मानी जाती थी और राज्य की राजनीति पर तृणमूल का दबदबा था. इस बयान के जवाब में दिसंबर 2014 में कोलकाता की एक बड़ी रैली में अमित शाह ने मंच से कहा था, मैं अमित शाह हूं, बीजेपी का एक छोटा सा कार्यकर्ता. और मैं बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ फेंकने आया हूं.
यह बयान उस समय राजनीतिक चुनौती माना गया था, क्योंकि बीजेपी के पास बंगाल में जमीन लगभग ना के बराबर थी. इसके बाद बीजेपी ने बंगाल में लगातार संगठन विस्तार किया. 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, 2019 में बड़ी छलांग लगाई और फिर 2021 विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्ष बनकर उभरी.
2026 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पहली बार बंगाल में स्पष्ट बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त या जीत दर्ज करने में सफल रही, जबकि तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर होती दिखी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की दशकों पुरानी राजनीतिक संस्कृति में बड़े बदलाव का संकेत है. पहले वामपंथ का किला टूटा, फिर ममता बनर्जी ने सत्ता संभाली और अब बीजेपी ने पहली बार राज्य की कमान हासिल कर ली.
12 साल पहले पूछा गया सवाल कौन हैं अमित शाह आज बंगाल की राजनीति में एक प्रतीकात्मक जवाब बनकर सामने आया है. बीजेपी समर्थक इसे शाह की लंबी रणनीति और संगठनात्मक राजनीति की जीत बता रहे हैं. फिलहाल अब नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा. यह देखना होगा. फिलहाल बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी को चुनाव हरा दिया है.