कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऑसग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार कलिता माझी की जीत इस चुनाव की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल हो गई है. कलिता माझी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्न लोहार को करीब 12,535 वोटों से हराकर जीत दर्ज की. उनकी जीत इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ समय पहले तक वह एक घरेलू सहायिका (मेड) के रूप में काम करती थीं और बेहद साधारण जीवन जी रही थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 37 वर्षीय कलिता माझी पिछले करीब दो दशकों से ऑसग्राम इलाके के 4 घरों में बर्तन धोने और घरेलू काम करने का काम करती थीं, इसके बदले उन्हें महीने में लगभग 2500 रुपये की आमदनी होती थी. आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी थी. परिवार चलाने के लिए उन्होंने घर-घर काम किया, जबकि उनके पति प्लंबर का काम करते हैं. उनका एक बेटा भी है, जो पढ़ाई कर रहा है.
कलिता माझी पहली बार 2021 में भी बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी थीं, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि पार्टी ने उन पर भरोसा बनाए रखा और 2026 में दोबारा टिकट दिया. इस बार उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रचार किया, घर-घर पहुंचीं और खुद को आम लोगों की उम्मीदवार के तौर पर पेश किया. आखिरकार उनका संघर्ष रंग लाया और वे विधायक बन गईं.
कलिता माझी की कहानी को बीजेपी समर्थक ग्रासरूट पॉलिटिक्स और सामाजिक बदलाव के उदाहरण के तौर पर पेश कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिनमें वह घरेलू काम करती नजर आ रही हैं.