ग्लोबल भारत नेशनल डेस्क: इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलियरी साइंसेज (ILBS) में विश्व लिवर दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमत शाह ने देश के युवाओं को फिटनेस मंत्र दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अपने जीवन के कुछ ऐसे पलों के बारे में भी बताया जब वो बीमारियों से जूझ रहे थे. फिर किस तरह से इन बीमारियों से बाहर निकले, खुद को फिट किया, और एक अच्छी जीवनशैली का पालन करना शुरू किया.
शाह ने बताया कि उन्होंन अपने जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन किया है, शरीर को जितनी नींद, जितना पानी और जैसा आहार चाहिए वो मिलना चाहिए, साथ ही व्यायाम को भी जीवन का नियमित हिस्सा बनाना चाहिए. क्योंकि इसी के माध्यम से मैंने अपने जीवन में काफी कुछ हासिल किया है. गृह मंत्री ने कहा कि देश के युवाओं के बीच आज मैं अपने इन्हीं अनुभवों को साझा करने आया हूं.
“मई 2020 से मैंने अपने जीवन में काफी कुछ परिवर्तन किया है, निमयित नींद, अहार, पानी और व्यायाम के माध्यम से आज बहुत कुछ हासिल किया है. क्योंकि आज से करीब 4 साल पहले तक एलोपैथिक दवा और इंसुलिन मेरे जीवन में एक हिस्सा बन चुका था. लेकिन अब इन सब चीजों से मुक्त होकर मैं आपके सामने खड़ा हूं. जो युवा अभी अभी 40-50 साल तक अपनी जीवन व्यतीत करना चाहते हैं, जिन्हें इस देश के लिये अपने योगदान देना है, उन सभी को एक व्यवस्थित जीवन जीना चाहिए, इसके लिए हमें एक ऐसे विश्व का निर्माण करना है जहां के लोग स्वस्थ हों. इसके लिए अपने शरीर के लिए दो घंटे और दिमाग के लिए कम से कम 6 घंटे की नींद रिजर्व कर लेनी चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके जीवन में बदलाव होगा. काम करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी, ये मेरा खुद का अनुभव है''
“4 साल पहले मुझे बुलाते तो मैं नहीं आता”
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि ''अगर 4 साल पहले डॉक्टर शिव सरीन मुझे बुलाते तो मैं यहां नहीं आता, क्कि मैं यहां बात करने लायक ही नहीं होता. अपनी इस बात के पीछे अमित शाह ने महात्मा बुद्ध की एक कहानी भी सुनाई, जिसमे उन्होंन बताया कि एक बच्चा गुड बहुत खाता था, जब उसकी मां उसे लेकर महात्मा बुद्ध के पास पहुंची, और उनसे प्रार्थना की कि बेटे को समझाएं वो ज्यादा गुड ना खाए ये शरीर को नुकसान पहुंचाएगा, जिसके बाद बुद्ध ने उन्हें 4 सप्ताह बाद आने के लिए बोला, जब 4 साप्ताह बाद वो मां अपने बच्चे के साथ वहां फिर से पहुंची तो बुद्ध ने बच्चे को गुड ना खाने के लिए समझाया, इस बात से नाराज होकर जब उस मां ने कहा कि आपने पहले क्यों नहीं समझाया तो बुद्ध बोले कि मैं खुद बहुत गुड खाता था, इस बच्चे को समझाने से पहले मुझे खुद भी तो इस बात का पालन करना चाहिए था, इसीलिए मैंने आपको 4 सप्ताह बाद आने के लिए बोला. इसीलिए अगर मुझे यहां पहले बुलाया गया होता तो मैं नहीं सकता था, लेकिन अब मैं खुद इन नियमों का पलान करता हूं, इसीलिए यहां बोलने लायक हूं.”