भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अनिल विज (Anil Vij) ने रविवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections) से पहले CM पद को लेकर दावा ठोक दिया है. मीडिया से बात करते हुए अनिल विज ने अपनी वरिष्ठता व्यक्त की और पार्टी से मुख्यमंत्री पद के लिए कहा. अनिल विज ने कहा कि मैं हरियाणा में BJP का सबसे वरिष्ठ विधायक हूं. मैं छह बार चुनाव लड़ा हूं और कभी पार्टी से कुछ नहीं मांगा. हालांकि लोगों की मांग पर मैं इस बार अपनी वरिष्ठता के आधार पर मुख्यमंत्री पद के लिए दावा करूंगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय 'हाईकमान' के हाथ में है.
अनिल विज ने कहा कि यह हाईकमान के हाथ में है कि वे मुझे मुख्यमंत्री बनाते हैं या नहीं. अगर वे मुझे मुख्यमंत्री बनाते हैं तो मैं हरियाणा की तस्वीर बदल दूंगा. अनिल विज अंबाला कैंट विधानसभा (Ambala Cantt Assembly Constituency) क्षेत्र से BJP उम्मीदवार हैं. बता दें कि मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की सरकार के दौरान विज हरियाणा के गृह मंत्री थे और हाल ही में हुए फेरबदल में उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था और नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने CM पद की शपथ ली थी.
इससे पहले अनिल विज ने मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि कुछ लोगों ने उन्हें अपनी पार्टी में 'अजनबी' बना दिया है. 2 मई को विज ने कहा था कि माना कुछ लोगों ने मुझे मेरी पार्टी में ही बेगाना बना दिया है, लेकिन कई बार अजनबी लोग अपने लोगों से भी ज्यादा काम कर जाते हैं. अनिल विज नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे और विधायक दल की बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए थे, जिससे उनका असंतोष साफ झलक रहा था.
नायब सिंह सैनी ने इस साल मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह हरियाणा के CM पद की शपथ ली थी. जब 2014 में पहली बार 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में BJP ने बहुमत हासिल किया था, तो विज को CM पद के लिए सबसे आगे देखा जा रहा था. लेकिन, पार्टी ने पहली बार विधायक बने खट्टर को इस पद के लिए चुना. 2019 के चुनावों में भी खट्टर ने फिर से विज को पछाड़ दिया और विज को गृह और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख विभाग दिए गए.
हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 5 अक्टूबर को होगा और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर है. मतों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी. 2019 के विधानसभा चुनावों में, BJP 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी और कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं.