इंडिया गेट पर प्रदूषण-विरोधी धरना नक्सल-समर्थन में बदला, 15 गिरफ्तार

Amanat Ansari 24 Nov 2025 04:10: PM 2 Mins
इंडिया गेट पर प्रदूषण-विरोधी धरना नक्सल-समर्थन में बदला, 15 गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी के प्रतिष्ठित इंडिया गेट पर रविवार दोपहर शुरू हुआ एक कथित “प्रदूषण बचाओ” प्रदर्शन कुछ ही घंटों में हिंसक और विवादास्पद हो गया. करीब 50-60 युवाओं का समूह, जो शुरू में दिल्ली की जहरीली हवा के खिलाफ नारे लगा रहा था, अचानक माओवादी विचारधारा और नक्सली नेताओं के पक्ष में नारेबाजी करने लगा.

प्रदर्शनकारियों ने माइक पर जोर-जोर से नारे लगाए, “माड़वी हिड़मा अमर रहे” “कितने हिड़मा मारोगे, हर घर से हिड़मा निकलेगा”, “कितने चारू मारोगे, हर घर से चारू निकलेगा”, “हर घर से चारू मजूमदार निकलेगा”. हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था – “बिरसा मुंडा से माड़वी हिड़मा तक, जल-जंगल-जमीन की लड़ाई जारी रहेगी”.

ज्ञात रहे कि 18 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया माड़वी हिड़मा छत्तीसगढ़ के सबसे खूंखार माओवादी कमांडरों में से एक था. उसके ऊपर 26 बड़े हमलों का आरोप था और केंद्र सरकार ने उसके सिर पर 50 लाख रुपये का इनाम रखा था. वह PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की पहली बटालियन का कमांडर था और माओवादी केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य था. चारू मजूमदार को देश में नक्सलवाद का संस्थापक माना जाता है.

प्रदर्शनकारियों ने खुलेआम कहा कि “बस्तर-बीजापुर का माओवादी मॉडल ही दिल्ली के प्रदूषण से निजात दिला सकता है” और “जल, जंगल, जमीन की लड़ाई को हम माओवादियों के साथ मिलकर आगे बढ़ाएंगे”.

जब दिल्ली पुलिस ने भीड़ को इंडिया गेट की सड़क से हटाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर मिर्ची स्प्रे (पेपर स्प्रे) छिड़क दिया. इससे कई पुलिसकर्मियों की आंखें जल गईं और उन्हें तुरंत मेडिकल मदद दी गई. जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 15 से 18 लोगों को मौके से हिरासत में ले लिया. यातायात करीब डेढ़ घंटे तक पूरी तरह ठप रहा.

पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए अधिकांश लोग दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र और कुछ बाहरी कार्यकर्ता हैं. उनके पास से माओवादी साहित्य और पोस्टर भी बरामद हुए हैं. पूछताछ में वे खुद को “पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों का आंदोलन” बता रहे हैं.

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ सुना जा सकता है कि प्रदूषण के नाम पर कैसे नक्सल समर्थन के नारे लगाए गए. कई लोगों ने इसे “शहरी नक्सलवाद का खुला प्रदर्शन” करार दिया है. दिल्ली पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और राजद्रोह संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. 

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