Umar Khalid-Sharjeel Imam: मुंबई सेशन्स कोर्ट ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के दो छात्रों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. इन पर आरोप है कि उन्होंने कैंपस में आयोजित एक सभा के दौरान उमर खालिद और शर्जील इमाम की रिहाई के नारे लगाए थे. वहीं, उसी मामले में सात अन्य छात्रों को अग्रिम जमानत मंजूर कर ली गई.
जज वीबी बोहरा ने आदेश में कहा कि छात्र होने के नाते आरोपियों से कानून का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है. जिन दो छात्रों की याचिका खारिज हुई, उनमें एक 32 वर्षीय गोवंडी निवासी और दूसरी 23 वर्षीय देवनार निवासी हैं. मामला 12 अक्टूबर 2025 को TISS कैंपस में हुई सभा से जुड़ा है.
यह सभा जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित की गई थी, जिनका अक्टूबर 2024 में निधन हो गया था. एफआईआर के अनुसार, करीब 10-12 छात्रों ने प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना हॉस्टल के पास इकट्ठा होकर उमर खालिद को रिहा करो और शर्जील इमाम को रिहा करो जैसे नारे लगाए.
अभियोजन पक्ष का कहना है कि सभा सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रही. पुलिस ने जांच में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए, जिनमें से एक आरोपी के पास माओवादी साहित्य मिलने का दावा किया गया. कोर्ट ने कहा कि माओवादी प्रकाशन डाउनलोड करना अकेले अपराध नहीं हो सकता, लेकिन अन्य आरोपों के साथ इसे देखना जरूरी है. कोर्ट ने इन दोनों छात्रों की हिरासत में पूछताछ जरूरी बताते हुए जमानत से इनकार किया.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि साईबाबा को श्रद्धांजलि देना अपने आप में अवैध नहीं है, क्योंकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 में उन्हें बरी कर दिया था. लेकिन परिसर में बिना अनुमति ऐसी सभा और नारे लगाने को लेकर सवाल उठाए गए. आगे जांच जारी है.