Kolkata bulldozer Action : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नव निर्वाचित भाजपा सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है. कोलकाता के तिलजला स्थित जीजे खान रोड पर अवैध रूप से संचालित चमड़ा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में दो मजदूरों की मौत और पांच लोगों के घायल होने की घटना ने प्रशासन को झकझोर दिया. हादसे के महज 30 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर अवैध फैक्ट्री परिसर पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे सरकार ने साफ संदेश दिया कि सुरक्षा से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा.
जांच में सामने आया कि बहुमंजिला इमारत में बिना वैध अनुमति के फैक्ट्री चलाई जा रही थी और फायर सेफ्टी मानकों की गंभीर अनदेखी की गई थी. रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री ने जांच समिति गठित कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए. मौके पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई ताकि किसी भी विरोध या तनाव को नियंत्रित किया जा सके.
दमकल विभाग ने भी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्रगति मैदान फायर स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर गौतम दास को निलंबित कर दिया. उन पर सुरक्षा निरीक्षण और निगरानी में लापरवाही के आरोप हैं.
सरकार ने एक महीने के भीतर विभागीय जांच पूरी करने का आदेश दिया है. महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अवैध निर्माणों को संरक्षण देने और भ्रष्ट आर्थिक लाभ लेने के गंभीर आरोप लगाए. वहीं, भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य से ‘कट-मनी’ संस्कृति खत्म कर व्यवस्था सुधार रही है.
फैक्ट्री मालिक जफर निशार की गिरफ्तारी के साथ ही सरकार ने अवैध फैक्ट्रियों के बिजली-पानी कनेक्शन काटने का अभियान शुरू कर दिया है. राज्यभर की नगरपालिकाओं को भी चेतावनी दी गई है कि फायर लाइसेंस और एनओसी के बिना चल रहे प्रतिष्ठानों पर अब सख्त कार्रवाई तय है.
Prateek Yadav Death Reason : पति प्रतीक यादव की अंतिम विदाई के दौरान अपर्णा यादव का दर्द उस वक्त छलक पड़ा, जब विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पार्थिव शरीर के सामने पहुंचते ही वह फूट-फूटकर रो पड़ीं. कभी मजबूत राजनीतिक छवि में नजर आने वाली अपर्णा इस क्षण पूरी तरह टूटी हुई दिखीं. उनकी आंखों से बहते आंसू और बेसुध होती हालत ने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया. मुलायम परिवार का आंगन चीखों, सिसकियों और गहरे मातम से भर उठा, जहां पत्नी, बेटी और पूरा परिवार अपने प्रिय प्रतीक को अंतिम विदाई दे रहा था.
मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए विक्रमादित्य आवास पर रखा गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, कई मंत्री, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में समर्थक श्रद्धांजलि देने पहुंचे. सत्ता और विपक्ष के तमाम चेहरे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े नजर आए. करीब सवा 12 बजे प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा बैकुंठधाम भैंसाकुंड के लिए रवाना हुई. बेटी प्रथमा ने पिता को नम आंखों से विदाई दी, जबकि अपर्णा यादव बार-बार खुद को संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन दर्द इतना गहरा था कि वह बार-बार टूट जातीं.
प्रतीक यादव की मौत हृदयगति रुकने और फेफड़ों में खून का थक्का जमने से हुई. वह अपने घर के किचन में बेसुध मिले थे. सिविल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के वक्त मुंबई में मौजूद अपर्णा खबर मिलते ही तुरंत लखनऊ पहुंची. चाचा शिवपाल यादव समेत पूरा परिवार अंतिम दर्शन में मौजूद रहा.