Army jawans TTE misbehaviour: दो अलग-अलग ट्रेनों में देश के जवानों के साथ जो कुछ होता है, उसकी तस्वीर आप नहीं देख पाएंगे! ये ट्रेन इंदौर से जम्मू जाती है! छुट्टी रद्द होने के कारण जवानों को आनन-फानन में सीमा पर बुलाया गया! जो जहां था, वहां से कश्मीर के लिए निकलता है! इंदौर से तीन जवान मालवा एक्सप्रेस में बैठते हैं! तीन जवानों से एक बेईमान TTE मिलता है, पूरी कुंडली देखने से पहले ज़रा दूसरी ट्रेन की इससे ज़्यादा क्रूर तस्वीर देखिए! ये तस्वीर ट्रेन 12506 की हैं.
आनंद विहार से असम जा रही थी
दिल्ली के आनंद विहार से असम जा रही थी! ट्रेन में कानपुर, फतेहपुर, प्रयागराज से ये जवान बैठते हैं! जवानों के लिए कुछ यात्री अपनी सीट छोड़ देते हैं, जबकि कुछ जवान कॉरिडोर में बैठकर अपनी यात्रा करते हैं। इसी वक्त TTE भी आ जाता है! TTE ने जवानों को धमकाना शुरू कर दिया—वीडियो बनाने और ट्रेन से उतारने, जनरल डिब्बे में जाने की धमकी देता है! ये वही TTE है, जो जवानों की कद्र नहीं कर पा रहा है! सीने पर नाम लिखा है N.K. सिंह, भारतीय रेलवे को टैग भी लगा है! ये बार-बार धमकाता है कि जनरल डिब्बे में जाइए?

ये घटना 13 मई की है, एसी थ्री टियर की ये तस्वीरें कुछ ही देर में इंटरनेट पर वायरल हो जाती हैं. ट्रेन कानपुर से प्रयागराज स्टेशन पर पहुंचती है! जवानों को अलग-अलग बोगियों में शिफ्ट कर दिया जाता है! रेलवे सभी जवानों को सीट देता है! 39 जवानों के साथ TTE ने जो किया वो पार्ट 1 है, अब पार्ट 2 में की कहानी भी पढ़िए, जो सैनिक दूसरी ट्रेन में बैठे थे.
दूसरी ट्रेन में TTE ने ली सैनिकों से रिश्वत

सैनिक ज़हीर ख़ान, राजकुमार के साथ एक और साथी ट्रेन के स्लीपर डिब्बे में बैठे थे! सैनिक कहते हैं कि सरकार ने छुट्टी रद्द की है, जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर जा रहे हैं। इसके बावजूद आरोप हैं कि TTE दलजीत सिंह ने 150 रुपये लिए और बिना कोई पर्ची दिए निकल गए! अब दोनों तस्वीरों को देखकर एक बात समझ में नहीं आई? रेलवे में तैनात TTE क्या किताबी ज्ञान से काम करते हैं? क्या उन्हें पता था कि देश पाकिस्तान से युद्ध लड़ रहा है, और रेलवे की ज़िम्मेदारी है जवानों को वहां तक पहुंचाना? कितना शर्मनाक है, देश की ट्रेनों में विधायकों और सांसदों को VVIP सुविधा मिलती है, लेकिन जवानों के साथ TTE कहीं भ्रष्टाचार करते हैं, तो कहीं उन्हें एसी कोच छोड़कर जाने को कहते हैं? सबसे बड़ी बात कि 39 जवानों के साथ जो व्यवहार TTE N.K. सिंह ने किया, उसकी सज़ा अभी तक नहीं मिली, जबकि 3 जवानों के साथ गलत व्यवहार करने वाले TTE दलजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है! जवानों से ही ये देश है, क्या ये बात TTE को नहीं पढ़ाई जाती है?