अरविंद केजरीवाल का जज रिक्यूजल ड्रामा: जज के फैसले पर उठाए सवाल!

Abhishek Chaturvedi 13 Apr 2026 07:52: PM 3 Mins
अरविंद केजरीवाल का जज रिक्यूजल ड्रामा: जज के फैसले पर उठाए सवाल!

Kejriwal Liquor Scam: क्या शराब घोटाले से बरी होने की खुशी में अरविंद केजरीवाल कुछ भी कर रहे हैं, देश के इतिहास में शायद ये पहला मौका होगा, जब किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने जज के सामने ही खड़े होकर भरी अदालत में जज के फैसले पर ही सवाल उठा दिए, 10 ऐसी दलीलें गिनवाई, जिसे सुनकर पूरा कोर्टरूम सन्न रह गया, और जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये तक कहना पड़ा कि आप मुझे घूरिए मत...पूरा मामला शराब घोटाले से जुड़े केस का है, जिसे हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच को सुनना है, पर केजरीवाल इन जज साहिबा को अपने केस से हटाना चाहते हैं, इसके लिए वो पहले अदालत से अनुमति मांगते हैं कि मैं ही वकील के रूप में दलील रखूंगा, और फिर जब 13 अप्रैल को अदालत पहुंचते हैं तो 10 दलीलें देते हैं...

  • दलील नंबर 1- सिर्फ CBI को सुनकर ही कोर्ट ने फैसला हमारे खिलाफ सुना दिया, मुझे लगा मामला पक्षपात का है, इसलिए मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, और अब यहां आवेदन दिया.
  • दलील नंबर 2- पहले आपने कहा गवाह बने आरोपियों के बयान मान्य हैं, लेकिन 5 मिनट की सुनवाई के बाद आपने ट्रायल कोर्ट की गवाहों पर की गई टिप्पणियों को गलत बता दिया.
  • दलील नंबर 3- सत्येन्द्र जैन बनाम ED के मामले में जज बदले गए, इसलिए यहां भी ऐसा होना चाहिए, सवाल जज की ईमानदारी का नहीं, बल्कि मेरी आशंका का है.
  • दलील नंबर 4- जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ सीबीआई के कहने पर रोक दी गई, जो मेरे मन में पक्षपात की आशंका पैदा कर रहा है.
  • दलील नंबर 5- मुझे CBI की याचिका की कॉपी तक नहीं गई, ऐसा लगा एकतरफा आदेश से ट्रायल कोर्ट का ज्यादातर फैसला खत्म कर दिया गया.
  • दलील नंबर 6- मनीष सिसोदिया के केस की सुनवाई काफी तेजी से हो रही, लेकिन ये स्पीड बाकी केस में नहीं दिखती.
    दलील नंबर 7- इस कोर्ट में CBI और ED की लगभग हर दलील मान ली जाती है, उनकी हर मांग आदेश बन जाती है. पहली सुनवाई में एकतरफा आदेश दिया गया.
  • दलील नंबर 8- इस कोर्ट के सामने पहले ही 5 केस आ चुके हैं, जिसमें अदालत की टिप्पणी अपने आप में फैसले के समान था.
  • दलील नंबर 9- अधिवक्ता परिषद नाम का संगठन जो RSS से जुड़ा है, उसके कार्यक्रमों में आपने 4 बार हिस्सा लिया, हम उस विचारधारा के खिलाफ हैं. ऐसे में मेरे मन में सवाल है क्या मुझे निष्पक्ष न्याय मिलेगा या नहीं ?
  • दलील नंबर 10- अगर जज के करीबी लोग किसी पक्ष से जुड़े हों तो वो खुद को उस केस से अलग कर लेते हैं, मेरा निवेदन है इस बात पर विचार होना चाहिए.

हालांकि केजरीवाल की दलीलों का सीबीआई ने विरोध किया, और साफ कहा किसी कार्यक्रम में जाने से इस तरीके की बातें नहीं होनी चाहिए, यहां तक कि जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने भी ये कहा कि मैंने वहां कोई राजनीतिक बयान नहीं दिया.

हालांकि केजरीवाल ने जिस तरीके से दलीलें दी, उसे लेकर अदालत में ये टिप्पणी भी हुई कि आपको वकील होना चाहिए, जिस पर केजरीवाल शुक्रिया कहकर बाहर निकल गए. पर सवाल ये है कि क्या केजरीवाल ने जज पर इस तरीके के सवाल उठाकर नियमों का उल्लंघन किया है.

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में रिक्यूजल यानि जज के किसी केस से हटने का सिद्धांत भी बताया गया है, कई बार आपने सुना भी होगा कि फलां केस से किसी जज साहब ने खुद को अलग कर लिया, पर यहां केजरीवाल के केस में कहानी अलग है, उन्हें लग रहा है ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया और ऊपरी कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया तो मामला गड़बड़ हो जाएगा, पर केजरीवाल को क्या हाईकोर्ट पर भरोसा नहीं है ये बड़ा सवाल है...

इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सुप्रीम कोर्ट में वकील बनकर पहुंचीं थीं, लेकिन तब मामला SIR से जुड़ा था. पर केजरीवाल अपनी ही केस की पैरवी के लिए सीधा इंजीनियर से बिना डिग्री वाले वकील बन गए, और अदालत से अनुमति लेकर जज पर ही सवाल उठाने लगे.

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