क्या है मोदी सरकार का नियम 783, जिसे नोएडा की कंपनियों में लागू करने की उठी मांग, DGP ने खुद संभाला मोर्चा

Abhishek Chaturvedi 13 Apr 2026 08:54: PM 3 Mins
क्या है मोदी सरकार का नियम 783, जिसे नोएडा की कंपनियों में लागू करने की उठी मांग, DGP ने खुद संभाला मोर्चा

...यह तस्वीर है नोएडा फेज 2 में बने मदरसन कंपनी की, जहां के सैकड़ों कर्मचारी तीन दिन से धरने पर बैठे हैं, पर तीसरे दिन यानि 13 अप्रैल को प्रदर्शन अचानक उग्र हो जाता है, पुलिस की गाड़ियां प्रदर्शनकारी पलट देते हैं, कंपनी के शीशे पत्थर मारकर तोड़ देते हैं, पुलिस आंसू गैस के गोले दागती है, पर प्रदर्शनकारी अपनी मांगे पूरी होने के बगैर पीछे नहीं हटना चाहते...

तो सवाल ये उठ रहा है कि आखिर इनके पीछे कौन है, क्योंकि 10-12 हजार महीना कमाने वाले लोग सिर्फ शांतिपूर्वक अपनी बात रखना चाहते थे, फिर ये रुमाल बांधे लोग कौन हैं, क्या ये नोएडा और ग्रेटर नोएडा को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं...क्योंकि योगी नोएडा के विकास की कहानी हर तरफ दिखा रहे हैं, मजदूरों की मांग जायज है, पर उनके पीछे कौन है... क्योंकि ये प्रदर्शन तीन दिनों से शांत चल रहा था.

ये बात सच है कि आज भी नोएडा की कंपनियों में कई फैक्ट्री वर्कर्स ऐसे हैं, जो 10-12 हजार की सैलरी पर महीने दिन काम करते हैं, उन्हें छुट्टियां तक ठीक से नहीं मिलती, 12-12 घंटे की शिफ्ट लगाई जाती है, जो सीधे तौर पर श्रमिकों का शोषण है, जिसके खिलाफ आवाज कई बार उठी, लेकिन ये पहली बार हुआ जब खुद फैक्ट्री वर्कर्स ने सड़कों पर उतरकर अपने हक की मांग उठाई है, उनका दावा है कि नोएडा जैसे इलाके में दिहाड़ी मजदूरी भी करीब 700 रुपए हो चुकी है, फिर हमें इतना कम पैसा क्यों, पैसा बढ़ाने के नाम पर ये लोग 200-300 रुपए बढ़ा रहे हैं, जो नहीं चलेगा....

पर सवाल ये है कि इन फैक्ट्री वर्कर्स के पीछे क्या कोई खड़ा है या फिर ये अकेले ही सेक्टर 62 से लेकर नोएडा सेक्टर 1 और 15 तक सड़कों पर उतर पड़े हैं...यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश खुद इस पूरे हालात की निगरानी कर रहे हैं, और दोषियों को नहीं छोड़ने की चेतावनी दे रहे हैं, पर सबसे बड़ा सवाल ये है कि ये समस्या तो लंबे वक्त से बनी हुई है फिर अचानक से ये प्रदर्शन क्यों हो रहा, तो इसकी कहानी जुड़ी है मोदी सरकार के एक नए नियम से...

1 अप्रैल 2026 से मोदी सरकार ने देशभर के अनस्किल्ड यानि अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 783 रुपए तय की है.  यानि इससे कम पैसे पर आज किसी से मजदूरी नहीं करवा सकते, इस हिसाब से ये सैलरी 20 हजार के ऊपर तक पहुंचती है. अर्धकुशल के लिए 22 हजार 568, कुशल के लिए 24,804 और अत्यधिक कुशल के लिए 26 हजार 910 रुपए तय है.

लेकिन अभी भी कई मजदूरों को सैलरी पुरानी ही मिल रही है, जिसकी वजह ये इस मांग पर अड़े हैं कि हमारी सैलरी नए नियमों के मुताबिक हो....इनकी इस मांग के पीछे बढ़ती महंगाई भी है, 10-12 हजार रुपए में आज के जमाने में एक व्यक्ति के लिए घर या परिवार चलाना बेहद मुश्किल है...लेकिन मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन गलत है, इसीलिए प्रशासन एक तरफ इनसे बातचीत कर मसले का हल निकालने में जुटा है, तो दूसरी तरफ उग्र प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की बात कर रहा है...

प्रशासन ने फैक्ट्री कर्मचारियों को दिए 10 आश्वासन

  • पहला- बोनस का भुगतान 30 नवंबर तक बैंक खातों में मिलेगा
  • दूसरा- फैक्ट्रियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रहें
  • तीसरा- शासन की गाइडलाइन फैक्ट्री के बाहर अनिवार्य रूप से लगेगी
  • चौथा- हर कारखाने में कार्यस्थल पर ही यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति बनेगी
  • पांचवां- हर महीने की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त सैलरी दी जाएगी
  • छठा- शिकायत पेटी लगेगी, सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची दी जाएगी
  • सातवां- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिलेगा
  • आठवां- हर श्रमिक को साप्ताहिक छुट्टी मिलेगी
  • नौंवा- रविवार को काम करने पर दोगुना पेमेंट मिलेगा
  • दसवां- श्रमिकों और औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया. 0120-2978231, 0120-2978232, 0120-2978862 और 0120-2978702 नंबर जारी किए गए हैं.
Modi Government Hike minimum wage rates workers Wage Rate Workers dearness allowance

Recent News