लखनऊ : दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में मंच पर भले ही एकता की तस्वीर दिखाई गई हो, लेकिन बैठक खत्म होते ही यूपी की 403 सीटों पर सियासी खींचतान खुलकर सामने आने लगी. एक तरफ अखिलेश यादव गठबंधन धर्म निभाने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने 172 सीटों पर दावेदारी का संकेत देकर सपा की टेंशन बढ़ा दी है. मुस्लिम प्रतिनिधित्व, ओवैसी से गठबंधन, राहुल गांधी की अगुवाई और बीजेपी को हराने की रणनीति पर इमरान मसूद के बयान ने साफ कर दिया है कि यूपी चुनाव 2027 से पहले इंडिया गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीटों का बंटवारा ही बनने वाला है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है. सीट बंटवारे को लेकर अंदरूनी खींचतान के संकेत भी सामने आने लगे हैं. कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान ने यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. इमरान मसूद ने साफ कहा कि कांग्रेस किसी से सीट मांगने नहीं जा रही है और पार्टी पूरे 403 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी तैयारी कर रही है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने 70 प्रतिशत सीटों पर बूथ अध्यक्ष नियुक्त कर दिए हैं और संगठन को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है.
सीट शेयरिंग को लेकर मसूद ने कहा कि कांग्रेस ने न तो 170 सीटों की मांग की है और न ही किसी संख्या पर अंतिम दावा किया है, लेकिन 172 सीटों पर कांग्रेस की मजबूत दावेदारी बनती है. उन्होंने याद दिलाया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस करीब 110 सीटों पर चुनाव लड़ चुकी है. ऐसे में अगर समाजवादी पार्टी केवल 50-60 सीटें देने की बात करेगी तो कांग्रेस के लिए उसे स्वीकार करना आसान नहीं होगा. मुस्लिम प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर भी इमरान मसूद ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिम जनप्रतिनिधियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है और समाज में नफरत का माहौल बढ़ा है. कांग्रेस इस नफरत की राजनीति को हराने के लिए संघर्ष कर रही है.
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ संभावित गठबंधन पर मसूद ने कहा कि इसका फैसला पार्टी हाईकमान करेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर प्रकार की सांप्रदायिकता के खिलाफ है और पार्टी का रुख सभी तरह की कट्टर राजनीति के विरोध में है.
बीजेपी को हराने के सवाल पर इमरान मसूद ने विपक्षी एकता का संदेश देते हुए कहा कि अगर किसी के अलग लड़ने से बीजेपी को फायदा होता है तो उसे इस पर विचार करना चाहिए. उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की भी तारीफ करते हुए कहा कि देश और विपक्ष की भलाई राहुल गांधी का हाथ थामने में है.
अब सवाल यही है कि INDIA गठबंधन की बैठकों में दिखाई जा रही एकता सीट बंटवारे की असली परीक्षा में कितनी टिकती है. यूपी की 403 सीटों पर विपक्षी दलों के बीच तालमेल या टकराव, दोनों ही 2027 की सियासत की दिशा तय करेंगे.