लखनऊ : यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान तेजी से चढ़ रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अपना दल एस के नेता आशीष पटेल के बीच चल रही खींचतान अब खुली पावर पॉलिटिक्स में बदलती दिख रही है. योगी सरकार से नाराज चल रहे आशीष पटेल ने चुनावी रण से पहले बड़ा सियासी दांव चलते हुए एक और मंत्री पद की मांग ठोक दी है. अपना दल एस की यह मांग ऐसे वक्त पर आई है जब यूपी विधानसभा चुनाव में अब महज कुछ ही महीने बचे हैं और सहयोगी दल अपनी ताकत दिखाने में जुट गए है. सूत्रों की मानें तो अपना दल एस अब डील नहीं बल्कि डीलक्स हिस्सेदारी के मूड में है. पार्टी साफ संकेत दे रही है कि अगर सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली तो चुनावी समीकरण बदल भी सकते हैं. यह संदेश सीधे तौर पर बीजेपी और खासकर योगी नेतृत्व को दबाव में लेने की रणनीति माना जा रहा है.
आशीष पटेल है मंत्री
फिलहाल यूपी कैबिनेट में अपना दल एस से सिर्फ आशीष पटेल ही मंत्री हैं, जो तकनीकी शिक्षा और बाट-माप विभाग संभाल रहे हैं. लेकिन 2022 में 13 सीट जीतने के बाद पार्टी अब वजन के हिसाब से भागीदारी चाहती है. दूसरी तरफ, योगी आदित्यनाथ भी लोकसभा चुनाव के बाद मजबूत कंट्रोल बनाए रखने के मोड में हैं. ऐसे में सहयोगियों की बढ़ती मांगें उनके लिए सियासी संतुलन का बड़ा टेस्ट बन गई हैं.
राजभर और निषाद भी होंगे नाराज
सबसे बड़ी मुश्किल बीजेपी के लिए यह है कि अगर अपना दल एस की मांग मानी जाती है तो ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद जैसे सहयोगी भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का दबाव बना सकते हैं. कुल मिलाकर यूपी में सीट से ज्यादा सीटिंग अरेंजमेंट की लड़ाई शुरू हो चुकी है. अब देखना यह है कि योगी की सियासी मैनेजमेंट भारी पड़ती है या आशीष पटेल की प्रेशर पॉलिटिक्स नया समीकरण बना देती है.