West Bengal News : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत से सियासी हलचल मच गई है. रविवार सुबह उनका शव उनके घर से सटे TMC के पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला. पुलिस ने मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और पुलिस मौत की वजह की जांच कर रही है.
74 वर्षीय आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे. उन्होंने 2001 से 2026 तक लगातार पांच विधानसभा चुनाव जीते, हालांकि 2026 के चुनाव में BJP के ध्रुव साहा ने उन्हें हरा दिया. चुनावी हार के बाद वे सक्रिय राजनीति से कुछ दूरी बनाए हुए थे. जून 2026 में उन्होंने TMC की बीरभूम जिला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया था.
आशीष बनर्जी का राजनीतिक कद काफी बड़ा था. वह ममता बनर्जी सरकार में कृषि मंत्री और स्कूल शिक्षा से जुड़े मंत्री पदों पर रह चुके थे. 2021 में उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था. राजनीति में आने से पहले वह रामपुरहाट कॉलेज में प्रोफेसर/एसोसिएट प्रोफेसर भी रहे.
सबसे ज्यादा चर्चा मौके से मिले कथित सुसाइड नोट को लेकर है. रिपोर्टों के मुताबिक, इसमें आशीष बनर्जी ने खुद को भ्रष्टाचार से दूर बताते हुए दावा किया कि उन्होंने कभी किसी से एक पैसा नहीं लिया. उन्होंने राजनीति में आने को अपनी जिंदगी की बड़ी भूल बताया और परिवार की अगली पीढ़ी को राजनीति से दूर रहने की सलाह देने की बात भी सामने आई है. साथ ही उन्होंने TMC से जुड़े TRDA में कथित वित्तीय अनियमितताओं से खुद को अलग बताया. हालांकि, नोट की वास्तविकता और मौत की वजह की अंतिम पुष्टि अभी जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही होगी.
आशीष बनर्जी की मौत ने TMC के भीतर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. चुनावी हार, संगठनात्मक पद से इस्तीफा और उसके बाद पार्टी कार्यालय में हुई मौत ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है. पुलिस फिलहाल हर एंगल से जांच कर रही है.