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नई दिल्ली: मुंबई इंडियंस नए खिलाड़ियों की वो प्रयोगशाला है, जहां हार्दिक की तरह हर साल नए हीरो तैयार होते हैं, अगर ये कहें तो शायद आप भी इसे इनकार नहीं कर पाएंगे, हर साल MI कुछ ऐसे खिलाड़ी देती है, जिनका कोई तोड़ नहीं होता, और इस आईपीएल सीजन भी मुंबई ने दो ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिनकी कहानियां इंटरनेट पर लोग ढूंढ-ढूंढकर पढ़ रहे हैं, जिसमें पहले नंबर पर अश्विनी कुमार तो वहीं दूसरे नंबर पर हैं विघ्नेश पुथुर. तो जरा पहले इनका किस्सा सुनिए फिर बताते हैं लखनऊ के युवा खिलाड़ी प्रियांश आर्या की इतनी तारीफ लोग क्यों कर रहे हैं.
कौन हैं अश्विनी कुमार
पंजाब के झंझेड़ी गांव में जन्मे 24 साल के अश्विनी ने गली क्रिकेट से अपनी शुरुआत की. साल 2016 में वहीं के कोच हरविंदर सिंह के पास पहुंचे, करीब 20-25 किलोमीटर साइकिल चलाकर रोजाना जाते, एक भी दिन प्रैक्टिस मिस नहीं किया, घरवालों से पॉकेटमनी के नाम पर सिर्फ 30 रुपये रोज के लेते थे. पर यॉर्कर ऐसी डालते कि पूरे ग्रुप में अश्विनी को लोग यॉर्कर ब्वॉय के नाम से जानने लगे.
साल 2018-19 में अंडर 19 में ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरे पंजाब की नजर अश्विनी पर टिक गई, मुंबई इंडियंस की स्काउंटिंग टीम जो ऐसे नए खिलाड़ियों पर नजर बनाए रखती है, उसने अश्विनी से कॉन्टैक्ट किया, बोली लगी और फिर 30 रुपये में गुजारा करने वाला लड़का 30 लाख का मालिक बन बैठा, और अपने डेब्यू मैच में ही पहली गेंद पर KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे का विकेट झटका. उसके बाद उन्होंने रिंकू सिंह, मनीष पांडे और आंद्रे रसल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को भी पवेलियन भेजा.
कुछ ऐसी ही कहानी विघ्नेश पुथुर की भी है, जिन्होंने डेब्यू मैच में चेन्नई के खिलाफ तीन विकेट चटकाए. केरल के रहने वाले विघ्नेश के पिता ऑटो ड्राइवर हैं, घरेलू क्रिकेट में इतना शानदार खेल दिखाया कि मुंबई इंडियंस ने इन्हें न सिर्फ 30 लाख में खरीदा, बल्कि प्रदर्शन देखकर बेस्ट बॉलर का अवॉर्ड भी दिया. पर इन दोनों की कहानियों के बीच लखनऊ के प्रियांश आर्या की कहानी भी इंटरनेट पर छाई हुई है.
कौन हैं प्रियांश आर्या
टीचर मां-बाप के बेटे प्रियांश ताबड़तोड़ बैटिंग के लिए जाने जाते हैं, एक घरेलू मैच में तो इन्होंने 6 गेंद पर 6 छक्के भी लगाए थे, जिसके बाद पंजाब किंग्स की टीम ने इनसे सीधा संपर्क किया और 3 करोड़ 80 लाख रुपये देकर खरीदा, डेब्यू मैच में प्रियांश ने 47 रन बनाकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई. जिसके बाद मीडिया में इनके इंटरव्यू वायरल हुए तो कहा हमलोग दिल्ली में किराए के मकान में रहते हैं, इसलिए सबसे पहले मम्मी-पापा को एक घर खरीदकर गिफ्ट करूंगा. खास बात ये है कि प्रियांश ने जिनकी कोचिंग में बैटिंग सीखी है, वो गौतम गंभीर के भी कोच रहे हैं.
प्रियांश के गुरु सौरभ भारद्वाज जो कभी गंभीर को क्रिकेट की बारीकियां सीखाते थे, उन्होंने इस खिलाड़ी को ऐसे तरासा है कि सामने चाहे कोई भी गेंदबाज हो ये अपनी रणनीति की बदौलत रन निकाल ही लेता है. जो ये बताता है आईपीएल सिर्फ पैसों का खेल नहीं बल्कि नए टैलेंट को क्रिकेट में मौका देने का बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है, इनकी कहानियां आपको इसलिए सुनाई ताकि आप भी अगर क्रिकेट की प्रैक्टिस कर रहे हैं, सोच रहे हैं छोटे से गांव से निकलकर कैसे बड़े स्तर तक पहुंचे तो इनकी कहानियों से प्रेरणा ले सकें, किस्मत कभी भी खुल सकती है. आईपीएल की दुनिया में आए नए धुरंधरों को एक बधाई भी बनती है.