नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की सुप्रीम कोर्ट पर की गई टिप्पणी के बाद उपजे विवाद में कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. दुबे ने सुप्रीम कोर्ट पर 'धार्मिक युद्ध भड़काने' का आरोप लगाया था और इसकी विधायी शक्ति पर सवाल उठाए थे. इस पर कांग्रेस ने बीजेपी की आलोचना की, जिसके जवाब में सरमा ने कांग्रेस के इतिहास में न्यायपालिका के कथित अपमान की घटनाओं को गिनाया.
The Bharatiya Janata Party (BJP) has consistently upheld the independence and dignity of the judiciary as a cornerstone of India’s democracy.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 20, 2025
Recently, Hon’ble BJP President Shri @JPNadda ji reaffirmed this commitment by distancing the party from remarks made by Hon’ble MP Shri… pic.twitter.com/iI2yqPogVB
कांग्रेस ने की थी न्यायपालिका की आलोचना
असम सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सभी राजनीतिक संस्थाओं को न्यायिक फैसलों का सम्मान करना चाहिए, चाहे वे उनके पक्ष में हों या नहीं. उन्होंने कहा कि चुनिंदा समर्थन से जनता का भरोसा टूटता है और लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है. सरमा ने कांग्रेस पर कई मौकों पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप लगाया.
बीजेपी का रुख और बचाव
सरमा ने बीजेपी का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी न्यायपालिका की भूमिका का सम्मान करती है. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि निशिकांत दुबे की टिप्पणियां उनकी निजी राय हैं और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है. सरमा ने जोर देकर कहा कि बीजेपी न्यायिक संस्थानों का गहरा सम्मान करती है.
बता दें कि इस विवाद ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच न्यायपालिका के सम्मान को लेकर एक नई बहस छेड़ दिया है. सरमा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि वह केवल तभी न्यायपालिका का समर्थन करती है, जब फैसले उसके पक्ष में हों.