कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी तीसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है. इस सूची में कुल 19 नाम शामिल हैं, जिनमें कई नए चेहरे भी हैं. पार्टी ने उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई ट्रेनी डॉक्टर बलात्कार-हत्या मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को अपना उम्मीदवार बनाया है. यह फैसला काफी भावनात्मक और रणनीतिक माना जा रहा है.
इसके अलावा, उत्तरपाड़ा सीट से पूर्व NSG अधिकारी दीपांजन चक्रवर्ती को टिकट दिया गया है. सिंगूर सीट पर अरूप कुमार दास भाजपा के उम्मीदवार होंगे, जहां उनकी मुख्य टक्कर तृणमूल कांग्रेस के बेचराम मन्ना से होने की संभावना है. मेदिनीपुर सीट से डॉक्टर शंकर गुचैत को मैदान में उतारा गया है.
तीसरी सूची में अन्य प्रमुख उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं...
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने हैं. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल 2026 को होगा. नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे.
रत्ना देबनाथ को टिकट क्यों?
भाजपा इस फैसले के जरिए राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को चुनाव के केंद्र में लाना चाहती है. RG Kar मामले को लेकर पहले से ही काफी गुस्सा और बहस चल रही है. पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने इस मुद्दे को और तीखा बनाने की कोशिश की है. टिकट मिलने के बाद रत्ना देबनाथ ने मीडिया से कहा कि उन्होंने खुद भाजपा से संपर्क किया था और काफी विचार-विमर्श के बाद चुनाव लड़ने की सहमति दी.
RG Kar मामला क्या है?
9 अगस्त 2024 की रात कोलकाता के राधागोविंद कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था. इस घटना के बाद पूरे देश में डॉक्टरों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की थी. कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश पर CBI ने जांच की.
जांच एजेंसी ने गैंग रेप के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्य आरोपी सिविल वॉलंटियर संजय रॉय को दोषी माना. जनवरी 2025 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. यह पूरा मामला अस्पताल की सुरक्षा और राज्य में महिलाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़ा करने वाला रहा है. भाजपा अब इसी मुद्दे को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.