नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच के दौरान बुधवार को 20 और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है. इनमें UAE के दुबई में स्थित 18 प्रॉपर्टीज़ भी शामिल हैं. नई कुर्क की गई संपत्तियों में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई के आइकॉनिक बुर्ज खलीफा के कई फ्लैट्स शामिल हैं.
इसके अलावा, ED ने दुबई हिल्स एस्टेट में कुछ लग्जरी विलाओं और फ्लैट्स तथा शहर के बिजनेस बे कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट और SLS होटल एंड रेसिडेंसेज लग्जरी टावर में कई हाई-एंड फ्लैट्स भी कुर्क किए हैं. इसके अलावा, नई कुर्क की गई दो संपत्तियां नई दिल्ली में स्थित हैं. दोनों शहरों में कुल मिलाकर इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग ₹1,700 करोड़ है.
ये संपत्तियां महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम पर बताई जा रही हैं. ED अधिकारियों ने कहा कि जांच में पता चला है कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक प्लेटफॉर्म और अन्य के नाम पर चलाए गए अवैध ऑनलाइन बेटिंग कारोबार से उत्पन्न अपराध की आय (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं.
महादेव ऐप मामले में हुई कार्रवाई
यह अवैध ऐप छत्तीसगढ़ के सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगी रवि उप्पल द्वारा चलाया जा रहा था. भारत दोनों की प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया चला रहा है. चंद्राकर का आखिरी पता दुबई था, जबकि उप्पल दुबई से वानुअतु भाग गया है. ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के अनुसार, महादेव प्लेटफॉर्म प्रमोटर्स, पैनल ऑपरेटर्स और एजेंट्स के जटिल नेटवर्क के जरिए चलता था.
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके पूरे भारत में अवैध सट्टेबाजी करवाता था. यह ऑपरेशन फ्रैंचाइजी मॉडल पर आधारित था, जिसमें पूरे भारत में फैले सहयोगियों द्वारा पैनल्स और ब्रांचेस चलाए जाते थे. ED ने बताया कि प्रमोटर्स बेटिंग पैनलों से होने वाले मुनाफे का लगभग 70-75% हिस्सा अपने पास रख लेते थे, जबकि बाकी हिस्सा पैनल ऑपरेटर्स के बीच बांट दिया जाता था.
इस मामले में अब तक छत्तीसगढ़ के कई उच्च पदस्थ राजनेता और अधिकारी भी आरोपी बन चुके हैं. ED अब तक इस मामले में भारत भर में 175 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर चुका है. इसके अलावा, 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 74 लोगों को रायपुर की विशेष अदालत में दाखिल 5 प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट्स में आरोपी बनाया गया है.