नई दिल्ली: सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे लाखों घरों में खाना पकाने का तरीका बदल सकता है. अब जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहां LPG की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने 24 मार्च को जारी नए आदेश में कहा है कि जहां PNG उपलब्ध होने की सूचना मिल जाए, वहां घरों को सिर्फ तीन महीने का समय दिया जाएगा. अगर तीन महीने में PNG पर स्विच नहीं किया गया, तो LPG कनेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
यह समय बिना वजह नहीं चुना गया है. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण भारत में LPG की भारी कमी हो गई है. प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं से सप्लाई बाधित होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होने की वजह से यह संकट पैदा हुआ है. सरकार अब घरों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को PNG की ओर ले जाना चाहती है, क्योंकि PNG को ज्यादा भरोसेमंद माना जा रहा है.
इसमें आपूर्ति स्रोत विविध हैं और घरेलू उत्पादन भी है. LPG सिलेंडर के उलट, PNG सीधे पाइपलाइन के जरिए रसोई तक पहुंचाई जाती है, जिससे बार-बार रिफिल कराने की जरूरत नहीं पड़ती.
नया नियम क्या कहता है?
आदेश बिल्कुल साफ है. एक बार अधिकृत एजेंसी घर को सूचित कर दे कि PNG उपलब्ध है, तो स्विच करना अब वैकल्पिक नहीं रह जाएगा. आदेश में कहा गया है, ''ऐसे पते पर LPG की सप्लाई सूचना की तारीख से तीन महीने बाद बंद कर दी जाएगी.''
एक शर्त है, अगर PNG कनेक्शन देना तकनीकी रूप से असंभव है, तो LPG जारी रखी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लायर की No Objection Certificate (NOC) जरूरी होगी.
पाइपलाइनों को तेजी से बिछाने का प्रावधान
प्रवर्तन और सजा का प्रावधान
ईंधन आपूर्ति का पुनर्संतुलन
इस नीति का मूल उद्देश्य उन इलाकों में LPG बचाना है जहां PNG उपलब्ध है, और उस LPG को ऐसे क्षेत्रों में भेजना जहां अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है. तेल सचिव नीरज मित्तल ने इसे संकट को अवसर में बदलना बताया. उन्होंने कहा कि यह सुधार व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में है. शहरों में जहां पाइपलाइन कनेक्टिविटी है, वहां घरों के लिए संदेश साफ है, PNG पर स्विच कर लें, वरना LPG खोने के लिए तैयार रहें.