4 जून के बाद काशी में कुछ ऐसा होने वाला है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं है, क्या कोर्ट के फैसले से पहले ही मोदी सरकार मंदिर-मस्जिद पर कोई बड़ा फैसला करने जा रही है. अगर आपके दिमाग में ये है कि कोर्ट में मुकदमा पेंडिंग है, इसलिए कुछ नहीं हो सकता, तो हम आपको कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं, जिसने ज्ञानवापी के पैरवीकारों में हड़कंप पैदा कर दिया है, ये असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा है, जो दिल्ली में एक रैली को संबोधित कर रहे थे, इसी दौरान इन्होंने काशी पर कुछ ऐसा कह दिया कि हो सकता है पीएम मोदी से से लेकर सीएम योगी तक को बयान देना पड़े, इन्होंने अपने बयान से बीजेपी का प्लान काशी लीक कर दिया है.
दरअसल, उन्होंने जनता से कहा कि 400 सीट जीता दीजिए हम काशी में भी मंदिर बना देंगे. बता दें कि हिमंत बिस्वा सरमा को बीजेपी में कुछ लोग जूनियर शाह भी कहते हैं और वो नॉर्थ ईस्ट के इकलौते ऐसे नेता हैं, जिनकी पॉपुलिरटी नॉर्थ इंडिया में भी खूब है, इसलिए इनके मुंह से ये बयान सामने आना कई बड़े इशारे करता है, आपको याद होगा राजीव गांधी ने शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था, अब राहुल गांधी भी यही प्लान बना रहे हैं कि राम मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दें, पहले ये दावा उनके करीबी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किया और अब सीधा पीएम मोदी ने इसे लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा.
तो सवाल ये उठता है कि क्या कांग्रेस के फैसले पलटने के जवाब में बीजेपी कोर्ट के बाहर ही कुछ बड़ा करने जा रही है, कानूनी मामलों में हमेशा एक मौका मध्यस्थता का होता है. आपको याद होगा राम मंदिर मामले के वक्त मध्यस्थता के लिए कमेटी बनाई गई थी. हालांकि बाद में फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. तब जाकर मंदिर बन पाया, पर ज्ञानवापी वाले केस में हो सकता है मध्यस्थता से ही बात बन जाए, क्योंकि वहां ASI सर्वे से मिले सबूत, वहां की दीवारें, और वहां के टाइल्स ये चीख-चीखकर कहती है कि मेरे अंदर मंदिर के अवशेष है, जहां शिवलिंग का जलाभिषेक होना चाहिए था, वहां वजू हो रहा है.
जहां पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार गूंजंना चाहिए था, वहां नमाज की सूरह की गूंज सुनाई दे रही है. जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ये मामला छाया हुआ है. अदालत का फैसला सबूतों के आधार पर होता है, और ये तय करना जज साहब का काम है कि कहां क्या होगा, किसके पक्ष में फैसला होना चाहिए, लेकिन उससे पहले बीजेपी ने जिस हिसाब से हिमंत बिस्वा सरमा से ये बयान दिलवाया है.
वो ये साफ बताता है कि बीजेपी 400 पार करेगी तो काशी, मथुरा बाकी है का नारा भी बदल जाएगा और दोनों जगहों पर मंदिर की भव्यता बढ़ जाएगी, हालांकि कई लोग इस पर सवाल भी उठा सकते हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए, आप इस पर क्या कहना चाहेंगे, कमेंट कर बता सकते हैं, क्या हिमंत बिस्वा सरमा ने कोई ऐसा प्लान बनाया है, जिससे काशी की कहानी बदलने वाली है, ये बड़ा सवाल है.