नई दिल्ली: पोल-बाउंड पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में शामिल सात न्यायिक अधिकारियों को मालदा जिले में लगभग नौ घंटे तक कथित तौर पर घेराव में रखा गया. सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्देश दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल को "सबसे अधिक ध्रुवीकृत राज्य" (Most polarised state) करार देते हुए इस घटना को पूर्व-नियोजित और SIR प्रक्रिया को पटरी से उतारने के मकसद से कराई गई बताया.
बुधवार को कालीचक-II ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) के बाहर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में भारी प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने पहले न्यायिक अधिकारियों से मिलने की मांग की, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी गई. शाम करीब 4 बजे उन्होंने BDO ऑफिस का घेराव कर लिया और सात न्यायिक अधिकारियों (जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं) को बंधक बना लिया.