प्रयागराज : कभी हथियारों से खेलने वाला अतीक अहमद और अशरफ के कब्र पर कोई फूल चढ़ाने वाला भी नहीं है. योगीराज में दोनों की कब्र सूनी पड़ी हुई है. न ही पत्नी और ना ही समर्थक. कोई भी एक फूल दोनों की कब्र पर नहीं चढ़ाया. 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में आतंक का पर्याय बन चुके अतीक व असरफ दोनों की गोली मारकर हत्या की गई थी. पुलिस कस्टडी में लाइव मर्डर हुआ था. हत्या के बाद दोनों के शव को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया गया था. बरसी के दिन भी कोई भी अतीक अहमद की कब्र पर एक फूल चढ़ाने के लिए नहीं पहुंचा. पत्नी मोस्ट वांटेड है. ना कोई सहयोगी और ना ही कोई गरीब रिश्तेदार कब्र के पास गया. दोनों का कब्र सुना पड़ा रहा.
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह अधिवक्ता उमेश पाल व उनके दो सरकारी गनर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के बाद 15 अप्रैल को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में मर्डर हो गया. पुलिस मेडिकल कराने के लिए अस्पताल पहुंची थी, जहां शूटर लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य व सनी सिंह ने गोली मारकर दोनों को मौत के घाट उठा दिया. अतीक और असरफ की मौत के तीन साल बीत गए. आज तीसरी बरसी है, लेकिन कब्र पर कोई फूल चढ़ाने वाला नहीं है. जिस अतीक को खरोंच लगने पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती थी. कब्र सुनी पड़ी हुई है.
अभीतक गवाहों का दर्ज नहीं हुआ बयान
अतीक और अशरफ हत्याकांड के मामले में 13 जुलाई 2023 को सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया गया. हत्या सहित अलग-अलग धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है. 10 दिसंबर 2024 को आरोप भी तय कर दिया गया था. आरोप तय होने के बाद मामले का ट्रायल शुरू हो गया है. हालांकि, अभी तक गवाहों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं. कई तारीख के भी लग चुकी है. मुकदमे में पहले गवाह धूमनगंज थाना प्रभारी का जिरह भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है. किसी तारीख पर अधिवक्ता तो किसी तारीख पर आरोपियों की जेल से पेशी ना होने के कारण सुनवाई को डाल दिया जा रहा है.