पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में घोटाले का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया हैं. डीआईओएस कार्यालय में तैनात चपरासी ने एक दो नहीं बल्कि 5 करोड रुपए का घोटाला किया. एक पत्नी को फर्जी टीचर बनाकर करोड़ों रुपए की सैलरी लीं. वहीं, दो पत्नियों के नाम जिले के बाहर करोड़ों रुपए का निवेश किया. बैंक मैनेजर को खाते से लेन-देन पर शक हुआ तो इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी. जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराई तो बड़ा घोटाला सामने आया है. पुलिस द्वारा खाते को फ्रिज करके कार्रवाई की जा रही है. चपरासी ने सरेंडर कर दिया है.
पीलीभीत के बीसलपुर गांव के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में इल्हाम उर्र रहमान शम्सी चपरासी के पद पर कार्यरत था. वर्ष 2014 में इल्हाम उर्र शम्सी जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में तैनात हो गया. हालांकि, यह नियुक्ति नियम विरुद्ध थी. डीआईओएस कार्यालय में आने कर बाद इल्हाम को बाबू बना दिया गया. इल्हाम ने अधिकारियों की नजरों में वेल्यू बढ़ाने के लिए 24 घंटे काम के लिए एक्टिव रहता था. जी-हजूरी करके विभाग में माहौल टाइट कर लिया. खुद का कार्यालय भी बनवा लिया और यहीं से घोटाले का असली खेल शुरू हुआ.
ऐसे हुआ पर्दाफाश
दरअसल, डीआईओएस कार्यालय के बैंक खाते से तेजी से लेन-देन हुआ. करोड़ो रूपये ट्रांसफर हुए. इसपर बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर को संदेह हुआ. फरवरी माह में मैनेजर ने इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी और लेन-देन को संदिग्ध बताया. मैनेजर के मुताबिक इल्हाम ने अपने पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर किए. मामले में डीएम ने डीआईओएस को तलब किया. डीआईओएस ने इल्हाम और उसकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया.
इल्हाम को है तीन पत्नियां
जांच में सामने आया कि इल्हाम को तीन पत्नियां थी, जिसमें अर्शी खातून को फर्जी टीचर दिखाया था. बाकायदा उसके खाते में वेतन भी भिजवाता था. इसके साथ ही करोड़ों रुपये का निवेश अलग-अलग जगहों पर किया है. सूत्रों के मुताबिक कुछ पुराने अधिकारियों तक हिस्सा जाता रहा. पुलिस ने पत्नी को जेल भेजा है. जांच में सामने आया कि इल्हाम ने 53 बैंक खातों से लेन-देन किया है, जहां 5 करोड़ रकम की हेरा-फेरी की गई है.
98 ट्रांजेक्शन से भेजे एक करोड़ रुपये
इल्हाम शम्सी ने 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से एक करोड़ एक लाख 95 हजार 135 करोड़ रुपये पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए. एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि इल्हाम शम्सी उसी कार्यालय में कर्मचारी है. पहले एक करोड का मामला दर्ज कराया गया था. हालांकि, अब 5 करोड का घोटाला सामने आया है. खातों को फ्रीज करा दिया गया है. जांच अभी भी जारी है.