होर्मुज में हमला! पनामा झंडे वाले जहाज पर प्रोजेक्टाइल गिरा, 11 भारतीय नाविक घायल; ओमान पहुंचाया गया

Amanat Ansari 06 Oct 2026 07:41 PM 2 Mins
होर्मुज में हमला! पनामा झंडे वाले जहाज पर प्रोजेक्टाइल गिरा, 11 भारतीय नाविक घायल; ओमान पहुंचाया गया

नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में मंगलवार को एक पनामा झंडे वाले जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमला हुआ, जिसमें 11 भारतीय नाविक घायल हो गए. विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज MT On Peace ओमान के तट के पास से गुजर रहा था जब यह हमला हुआ. जहाज पर कुल 19 क्रू मेंबर थे, जिनमें से 17 भारतीय हैं. घायल क्रू मेंबर्स को ओमानी अधिकारियों की मदद से निकाला गया और ओमान के खसब में इलाज चल रहा है.

भारत ने इस हमले की निंदा की और ओमान का सहयोग देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया. मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में शिपिंग पर लगातार हो रहे हमले गहरी चिंता का विषय हैं और शांति व स्थिरता के हित में इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि वाणिज्यिक शिपिंग, नाविकों और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले हमले बंद होने चाहिए. अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए.

शांति वार्ता टूटने के बाद बढ़े हमले

ईरान-अमेरिका शांति वार्ता टूटने और अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य व आसपास के इलाकों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हाल के हफ्तों में बढ़ गए हैं. अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही कम से कम सात टैंकर हमलों की खबर आई है, जिनमें कुवैत झंडे वाले MT Kazimah III और लाइबेरिया झंडे वाले Lipsi भी शामिल हैं.

इससे पहले 9 सितंबर को ईरान ने दावा किया था कि उसने जलडमरूमध्य के पास 10 जहाजों पर हमला किया, जबकि अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकर डुबोए थे. भारतीय नाविक भी इन हमलों का शिकार हो रहे हैं. जुलाई में दो यूएई-लिंक्ड टैंकरों पर हमले में भारतीय क्रू मेंबर रोहन कुमार की मौत हो गई थी और 10 अन्य भारतीय घायल हुए थे. 23 सितंबर को एंटीगुआ एंड बारबुडा झंडे वाले कार्गो शिप MV Cape Dao पर हमले में भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत हो गई थी.

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?

यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. युद्ध से पहले वैश्विक तेल और एलएनजी सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा यहीं से गुजरता था. इसमें बाधा आने से डिलीवरी में देरी होती है और ऊर्जा कीमतें बढ़ती हैं. भारत, जो 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, इस रूट पर काफी निर्भर रहा है.

हमलों से फ्रेट और इंश्योरेंस कॉस्ट भी बढ़ जाती है. भारत ने इस रूट पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक सप्लायर तलाशे हैं, लेकिन वैश्विक ऊर्जा कीमतों और शिपिंग लागत में वृद्धि का असर अब भी पड़ता है. यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है.

Oman Strait of Hormuz Iran Iran-US war Middle East crisis

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