अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्र की राशि की गणना से जुड़े 23 कर्मचारियों ने नई कार्य व्यवस्था लागू होने के बाद एक साथ इस्तीफा दे दिया. ये सभी कर्मचारी कार्यदायी संस्था के माध्यम से नियुक्त थे और उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे उसी संस्था को सौंपा है.
जानकारी के अनुसार, अब मंदिर प्रशासन दान राशि की गणना के लिए अलग से विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की तैयारी कर रहा है. पहले हाउसकीपिंग से जुड़े कुछ कर्मचारियों से भी दान पात्र में जमा नकदी की गिनती कराई जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत उन्हें दोबारा उनके मूल कार्य यानी हाउसकीपिंग में भेजे जाने की तैयारी थी.
नई नियमावली में दान राशि की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए कई कड़े सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं. कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनना अनिवार्य होगा, वहीं सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ेगा. इसके अलावा, मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पुलिस से सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र भी अनिवार्य किया गया है.
बताया जा रहा है कि हाल ही में सामने आए दान चोरी प्रकरण के बाद पुलिस ने दान पात्र की गणना से जुड़े कई सेवादारों से पूछताछ भी की थी. इसी घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नई कार्यप्रणाली लागू करने का फैसला लिया.
नई व्यवस्था के अनुसार कर्मचारियों के लिए सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक ड्यूटी करना भी अनिवार्य किया गया है. माना जा रहा है कि इन नए नियमों और बदली हुई कार्य व्यवस्था के चलते 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा देने का निर्णय लिया. फिलहाल कार्यदायी संस्था और मंदिर प्रशासन आगे की नियुक्तियों तथा नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं.