अभिषेक शांडिल्य
हिन्दुस्तान की आबादी करीब 140 करोड़ है. अचानक रात में एक योजना लागू होती है...करीब 30 करोड़ जनता के नब्ज पर PM मोदी ने मानो हाथ रख दिया हो. इंडिया के ज्यादातर घरों की समस्या को PM मोदी ने एक झटके में ख़त्म कर दिया. हर इंसान को अपने बुजुर्ग मां-बाप के इलाज के लिए सरकार ने पांच लाख हर साल देने का फैसला किया है. इसमें कोई कार्ड नहीं बनेगा, आप अस्पताल में जाएं इलाज करवाएं आधार कार्ड दिखाएं और आपका इलाज मुफ्त हो जाएगा. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में केंद्रीय कैबिनट ने एक और प्लान जोड़ा है.
70 साल से ज्यादा उम्र का व्यक्ति लगभग हर घर में होता है, लेकिन उनका महंगा इलाज कई बार आम लोगों की ज़िंदगी में भारी पड़ जाता है, कोई अपना घर बेचता है, कोई सोना गिरवी रखता है, कोई अपनी कार बेचता है. इलाज के दौरान कई परिवार अपने बुजुर्ग माता-पिता का इलाज तक नहीं करवाते हैं, देश के हालात क्या हैं ये सब जानते हैं, इसलिए सरकार का फैसला ज़रा ध्यान से देखिए. मोदी की योजना में क्या है इसके पहले समझिए ये योजना क्यों ख़ास है?
दुनियाभर में 60 साल से अधिक उम्र के लोंगों की आबादी बढ़ रही है...भारत में भी जन्मदर गिरने और औसत उम्र 70 साल होने से बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है...2050 तक कुल जनसंख्या के 19.5% बुजुर्ग होंगे, जो फिलहाल 10% हैं...अभी कुल आबादी में 10.40 करोड़ लोग बुजुर्ग हैं...जिनकी उम्र 70 या उससे ज्यादा हैं. कुछ महीने पहले नीति आयोग की एक बैठक हुई थी, नीति आयोग की बैठक में ही तय हुआ था कि बुजुर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा...तब नीति आयोग ने सरकार को दो सुझाव दिए थे.
बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रौद्योगिकी और एआई के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाए...स्वास्थ्य बीमा उत्पादों को डिजाइन करने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाए... बुजुर्गों को वित्तीय धोखाधड़ी से सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत...वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल उपकरणों तक पहुंच में सुधार हो...
अब इलाज न सिर्फ मुफ्त हो गया है बल्कि सरकार के फैसले के बाद हालात बदलेंगे, अब तक मुफ्त राशन से उन बुजुर्गों को जीने का रास्ता मिलता था, जिनकी कोई कमाई नहीं थी, या जिनका करीब 70 साल की अवस्था में स्व्सथ्य ठीक नहीं था. नरेंद्र मोदी की खुद की उम्र 74 साल की है, उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी सराहना शायद विपक्ष ना करें लेकिन इसमें खामी नहीं है. आयुष्मान कार्ड के तहत ही इस योजना का लाभ मिल सकता है. कोई भी परिवार अपने माता-पिता को पैसे के अभाव में नहीं खोएगा.
PM मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर इस योजना का ऐलान किया. ये उस वक्त हुआ जब राहुल गांधी अमेरिका में भारत विरोधी बातें कर रहे थे, एक फैसले से ना सिर्फ नरेंद्र मोदी के वोट बढ़ गए बल्कि सियासी कहानी भी बदल सकती है. अगर योजना का लाभ 6 करोड़ बुजुर्गों को मिला तो मतलब हर परिवार में 5 व्यक्ति का भी औसत है तो कुल संख्या हो जाती है, 30 करोड़. ये योजना मुफ्त राशन योजना के बाद सबसे लोकप्रिय योजना होने जा रही है. सरकार का बड़ा फैसला इसलिए भी है क्योंकि आपकी आर्थिक स्थिति क्या है इससे फर्क नहीं पड़ता है, अब सरकार आपको इलाज देगी...
बीमा कंपनियों को इससे काफी नुकसान हो सकता है, क्योंकि बीमा कंपनियां ज्यादा उम्र के बाद पहले हेल्थ इंश्योरेंस करती नहीं थी और जब करती तो कई नाटक और बहाने के साथ जनता से मोटी कमाई करती. अब फैसला लेना सरकार का काम है, उसे लागू करना अधिकारी का और उसका फायदा लेना जनता का काम माना जाता है. कोई अस्पताल आपके बुजुर्ग माता-पिता का इलाज अगर नहीं करता हैं तो आप PM मोदी से लेकर CM तक शिकायत कर सकते हैं, क्योंकि कैबिनेट में लिया फैसला कोई टाल नहीं सकता है.