मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित बरसाना में बुधवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने भारतीय मुसलमानों, सनातन धर्म और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को लेकर बड़ा बयान दिया. बाबा रामदेव पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर से आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता और धार्मिक आधार पर भेदभाव को लेकर भी अपनी बात रखी.
बाबा रामदेव ने कहा कि भारत के मुसलमानों के पूर्वज भी प्राचीन ऋषि-मुनि, भगवान राम और भगवान कृष्ण रहे हैं. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि अगर मुसलमान अपने पूर्वजों से जुड़ेंगे तो वे खुद को कभी कमजोर महसूस नहीं करेंगे. इसी क्रम में उन्होंने दावा किया कि भारत में रहने वाले सभी मुसलमान धर्म परिवर्तन के जरिए मुस्लिम बने हैं. यह उनके द्वारा किया गया ऐतिहासिक दावा है न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य.
रामदेव ने कहा कि हिंदू और मुसलमान मिलकर रहेंगे तो दोनों मजबूत होंगे और देश भी मजबूत बनेगा. उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुस्लिमों की राजनीतिक आवाज को लेकर दिए गए बयान का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि ओवैसी मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहे हैं. सनातन धर्म को लेकर रामदेव ने कहा कि सनातन युगों-युगों से था और आगे भी रहेगा. उन्होंने जाति, वर्ग और समुदाय के नाम पर धार्मिक विभाजन किए जाने पर आपत्ति जताई.
राम और शिव को लेकर चल रही बहस पर उन्होंने कहा कि भगवान को अमीर-गरीब के आधार पर नहीं बांटना चाहिए.
उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण, हनुमान, शिव और भगवती एक ही परम तत्व के अलग-अलग स्वरूप हैं. राम को अमीरों और शिव को गरीबों का भगवान बताने वाली सोच पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान के नाम पर भेदभाव के बीज नहीं बोने चाहिए. बरसाना में बाबा रामदेव के इस बयान के बाद मुस्लिमों की धार्मिक पहचान, पूर्वजों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस तेज होने की संभावना है.